अब बिहार में प्लास्टिक के कचरे से तैयार होगा डीजल और पेट्रोल, इतने रू दर से कचरा खरीदेगी कंपनी

Petrol Diesel

बिहार हमेशा से नई तकनीक और जुगाड़ के मायने में प्रसिद्ध रहता है। अब खबर यह है कि सुबे में प्लास्टिक के कचरे से मुक्ति के लिए डीजल व पेट्रोल बनाए जाएंगे। जी हां” आप बिल्कुल सही सुन रहे है। मालूम हो कि यह पहल नगर निगम के द्वारा शुरू किया गया। खबर की माने तो मई से उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। कार्य मुजफ्फरपुर जिले के कुढऩी प्रखंड के खरौना जयराम गांव में प्लांट लगाकर शुरू किया जाएगा। नगर निगम के अनुसार इस प्रोजेक्ट पर लगभग 25 लाख खर्च होंगे। और इसके लिए जिला उद्योग केंद्र से कंपनी को ऋण मिल चुका है। खास बात यह भी है कि शुरुआती दौर में कंपनी में 25 से 30 लोगों को रोजगार भी मिलेगा। 

करीब 8 रू दर से कचरा खरीदेगी कंपनी मुजफ्फरपुर स्थित ग्रुप ग्रेविटी एग्रो एंड एनर्जी नामक कंपनी अपने प्लांट में 1,000 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे से करीब 700 लीटर पेट्रोल या 850 लीटर डीजल तैयार करेगी। 70 रुपये प्रति लीटर की दर से डीजल की आपूर्ति करेगी। शुरुआती दौर में प्रतिदिन एक हजार किलोग्राम प्लास्टिक कचरे से उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी को प्रति लीटर ईंधन बनाने में करीब 55 रूपये के आसपास खर्च की संभावना है। डीजल व पेट्रोल तैयार करने के दौरान निकला अपशिष्ट पदार्थ अलकतरा के रूप में होगा। जिसका उपयोग सड़क निर्माण में हो सकेगा।

3 साल पहले यह तकनीक विकसित हुई थी कंपनी के सीईओ पेट्रोलियम इंजीनियर आशुतोष मंगलम और उनकी टीम ने करीब तीन साल पहले यह तकनीक विकसित की थी। उनकी टीम को वर्ष 2018 में पीएमओ से नेशनल इनोवेशन अवार्ड भी मिल चुका है। कंपनी अपने इनोवेशन को अमेरिका में पेटेंट करा चुकी है। यह कंपनी पहली बार मुजफ्फरपुर में उत्पादन करने जा रही है। आशुतोष के अनुसार प्लास्टिक डबल बांड हाईड्रो कार्बन होता है। उसमें हाइड्रोजन जोड़कर उसे सिंगल बांड ईथेन बनाया जाता है। ईथेन में क्लोरीन और सोडियम जोड़कर एथाइल क्लोराइड से ब्युटेन बनाया जाता है। ब्यूटेन में अगले स्तर पर ब्रोमीन और सोडियम जोड़कर ब्यूटाइल ब्रोमाइड बनाया जाता है। इस ब्यूटाइल ब्रोमाइड से आइसो ऑक्टेन बनाया जाता है।

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