बिहार में किसी भी मुखिया को चुनाव लड़ने की नहीं है पाबंदी, मंत्री ने कहा चल रहा जांच

न्यूज डेस्क : सूबे में अभी किसी भी पंचायत के मुखिया को चुनाव लड़ने से नहीं रोका गया है। अगर आप भी ऐसी खबर पढ़ रहे हैं तो चौकियेगा मत क्योंकि किसी भी मुखिया के चुनाव लड़ने पर किसी भी प्रकार की रोक पंचायती राज विभाग के तरफ से नहीं लगाई गई है। इस बात की पुष्टि खुद पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में की है। बिहार भर में सात निश्चय योजना पार्ट टू लांच होने से पहले सात निश्चय योजना पार्ट वन में शामिल नीतीश सरकार की महत्वकांक्षी योजना नल जल योजना की कलई खुल रही है।

बताते चलें कि पक्ष और विपक्ष के नेता लगातार नल जल योजना को लेकर अपने बयान देने से बाज नहीं आ रहे हैं। बुधवार को विधान परिषद में पंचायती राज मंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि अभी कोई ऐसा फरमान नहीं जारी हुआ है जिसके कारण 4000 मुखिया पंचायत चुनाव लड़ने से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि नल जल योजना में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी दरअसल कांग्रेस के विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा ने मंत्री से सवाल किया था और नल जल योजना पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि अगर नल जल योजना में गड़बड़ी नहीं है तो 4000 मुखिया के चुनाव लड़ने पर रोक क्यों लगाई गई है इस पर सत्तापक्ष के पार्षदों ने एक स्वर में कहा कि अभी ऐसा कोई निर्देश नहीं आ रहा है।

मंत्री ने खुद की है पुष्टि दरअसल पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव के बयान से विगत दिनों एक खबर ट्रेंडिंग में थी कि जिन जिस पंचायत में जल नल योजना के काम या फिर और भी अन्य योजना के जो काम है वह अगर पूरा नहीं होते हैं तो उस पंचायत के मुखिया और वहां के वार्ड के जो वार्ड सदस्यों ने उनको आगामी पंचायत चुनाव में चुनाव लड़ने से वंचित किया जाएगा। द बेगूसराय ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए सरकार की मंशा को उस वक्त ही भांप लिया था और बताया था कि इससे सरकार की तरफ से पंचायत प्रतिनिधियों को डराने का काम कर रही है और उनके सचिव के बयान से जो है पंचायत में पंचायत प्रतिनिधियों को काम करवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विधान परिषद में भी पंचायती राज मंत्री ने इस पर मुहर लगा दी कि अभी तक जो है ऐसा कोई भी आदेश नहीं लाया गया है । उन्होंने जांच चलने की बात कही है। अब आप समझिए यह जांच का विषय है और बिहार में जांच कैसे चलता है और जांच की विषय कैसे समाप्त होती है यह बखूबी सभी लोगों को पता है।

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