नीतीश कुमार के तुगलकी फरमान की विदेशों में हो रही चर्चा, क्या नीतीश वापस लेंगे विवादित कानून..

डेस्क : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक तुगलकी फरमान की चर्चा अब विदेशों में भी हो रही है। दरअसल बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा यह नोटिस निकाला गया था कि जो सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे उनका कैरेक्टर सर्टिफिकेट खराब कर दिया जाएगा। सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को विरोध प्रदर्शन पर नौकरी न दिए जाने की नीतीश कुमार के फैसले की निंदा अब विदेशी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी की है।

क्या कहा न्यूयॉर्क टाइम्स ने-अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने एक लेख में लिखा है कि भारत के एक राज्य बिहार में मोदी के राजनैतिक साथी नीतीश कुमार ने ऐसा कानून बनाया है, जिससे विरोध प्रदर्शन करने वालों को सरकारी नौकरी नहीं दी जाएगी। न्यूयॉर्क टाइम्स और अन्य कई देशी विदेशी अखबारों में बिहार सरकार के इस नियम की आलोचना की गई है।

तेजस्वी ने साधा नीतीश पर निशाना- विदेशी अखबारों द्वारा नीतीश कुमार के कानून की आलोचना किए जाने से विपक्ष को एक और हथियार मिल गया है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव नीतीश कुमार को इस मुद्दे पर शुरू से घेरते आ रहे हैं। अब विदेशी अखबार में नीतीश कुमार के कानून के खिलाफ ऐसा लिखने के बाद तेजस्वी ने नीतीश कुमार के ऊपर जबरदस्त निशाना साधा है। तेजस्वी ने ट्वीट करते हुए कहा कि” गांधीवाद की दिखावटी बात करने वाले जेपी आंदोलन से निकले कथित नेता की तानाशाही के चर्चे और पर्चे अब विदेशों में छप रहे है। सोशल मीडिया पर लिखने से जेल,धरना-प्रदर्शन करने पर नौकरी से वंचित करने के तुगलकी फरमान सुनाए जा रहे है।लोकतंत्र की जननी बिहार को NDA सरकार अपमानित कर रही है।” अब देखने वाली बात यह होगी कि देश के साथ विदेशों में भी अपनी आलोचना होने के बाद नीतीश कुमार इस कानून को वापस लेंगे या विपक्ष को हंगामा करने का और मौका देंगे।