बिहार में अंतिम बार हो रहा भूमि सर्वेक्षण, इसके बाद इतने बड़े पैमाने पर नहीं होगा सर्वे

न्यूज डेस्क , पटना : बिहार के 18 जिलों में विशेष भूमि सर्वेक्षण कार्य जोर शोर से जारी हैं। इसके लिए सभी 18 जिलों में बन्दोबस्त पदाधिकारी की भी नियुक्ति कर दी गयी है। सरकार ने सभी नवनियुक्त बन्दोबस्त पदाधिकारियों से कहा है कि यह अंतिम भूमि सर्वेक्षण है। इस सर्वेक्षण की समाप्ति के उपरांत इतने लार्ज स्केल पर भूमि सर्वेक्षण की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिर्फ जमीन के दस्तावेजों और नक्शा में निरंतर अपग्रेडेशन की प्रक्रिया निरंतर चलती रहेगी।

उक्त सभी कार्य टेक्नोलॉजी के सहारे होंगे । सरकार ने सभी नवनियुक्त बन्दोबस्त पदाधिकारियों को कहा है कि आपके पास ऐसे में अपना अपना नाम इतिहास के पन्नो में दर्ज करवाने का समय है । सभी बन्दोबस्त पदाधिकारियों की पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में राजस्व व भूमि सुधार विभाग के आला अधिकारियों ने सभी बन्दोबस्त पदाधिकारियों को विभागीय पाठ पढ़ाया ।

18 जिलों में नवनियुक्त बन्दोबस्त पदाधिकारी करेंगे नालंदा का दौरा : प्रक्षिक्षण के उपरांत सभी बन्दोबस्त पदाधिकारियों को नालन्दा जिले का दौरा कराया जायेगा। अधिकारी नालंदा जिले के एक अंचल में भी जाएंगे जहाँ अंचल कार्यालय और भूमि सर्वेक्षण कार्यालय के कार्यों को समझ पाएंगे।

बन्दोबस्त पदाधिकारियों को मिलेगा डीएम के बराबर सुविधा भू राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह नवनियुक्त बन्दोबस्त पदाधिकारियों को कहा कि उनके पद की गरिमा के मुताबिक सुख सुविधा दिया जाएगा। डीएम के स्तर का पद होने के कारण डीएम के समान सुख सुविधा प्रदान की जाएगी।