बिहार की लेडी सिंघम IPS अधिकारी निताशा गुड़िया को मिलेगा गृह मंत्री पदक, अपने अंदाज को लेकर हैं चर्चित

न्यूज डेस्क : आगामी 15 अगस्त को बिहार के 7 पुलिस अधिकारी को जांच में उत्कृष्ट के क्षेत्र में राष्ट्रपति के द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इस लिस्ट में भागलपुर के एसएसपी (SSP) निताशा गुड़िया का भी नाम आया है। अब आप लोग सोच रहे होगे, आखिर एसएसपी निताशा गुड़िया का ही नाम का वर्णन क्यों कर रहे है। दरअसल, निताशा हर वक्त अपने नए अंदाज में सोशल मीडिया पर सुर्खियों में रहती हैं। भागलपुर के एसएसपी बनने से पहले वह बेतिया में एसपी (SP) रह चुकीं है। बेतिया में एक हत्याकांड के आराेपी काे वह खुद 8 दिन में दिल्ली से पकड़कर ले आई थी। इससे वहां सामाजिक सौहार्द बिगड़ने से बच गया था। इसीलिए, उनकी पहचान लेडी सिंघम के रूप में है। बताते चलें कि वर्ष 2021 के लिए जांच में “उत्कृष्टता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री के पदक” से देश भर के 152 पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा।

हमेशा अपने नए अंदाज को लेकर चर्चित रही है: बता दें कि निताशा गुड़िया मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं। उनके पिता इंडियन ऑयल कारपोरेशन में पदस्थ थे। निताशा गुड़िया ने डीयू से स्नातक और टाटा इंस्टीच्यूट ऑफ सोशल स्टडीज (टिस) से मास्टर की डिग्री हासिल की है। और वर्ष 2008 में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चुनी गई। निताशा के पति सत्यवीर सिंह भी 2008 बैच के ही आईपीएस हैं। बताते चलें कि निशा बेतिया में एसपी रहते हुए सामाजिक साैहार्द बिगड़ने से बचाया था। दरअसल, 22 अगस्त, 2019 की रात बेतिया के इंडस्ट्रियल एरिया लालूनगर में एक अधकटा सिर मिला था। 23 अगस्त की सुबह उसी एरिया में तीन टुकड़ों में क्षत-विक्षत शव एक बोरा में मिला था। वहां के निवासी अख्तर हुसैने ने कहा कि यह शव उसके बेटे खालिद हुसैन की है। उसने शहर के नामचीन व्यवसायी रोहित सिकारिया और उनकी पत्नी नप सभापति गरिमा सिकारिया पर हत्या का आरोप लगा प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

इस मामले के बाद शहर का सामाजिक सौहार्द बिगड़ रहा था। निताशा ने इस मामले की गंभीरता से तहकीकात की और खालिद काे दिल्ली से पकड़कर ले आई थी। उन्हाेंने यह साबित किया था कि जिसकी हत्या हुई थी। उसे खालिद व उसके साथियों ने मारा था। इसके बाद वह दिल्ली भाग गया था। इससे वहां सामाजिक सौहार्द बिगड़ने से बच गया था।

You cannot copy content of this page