लालू यादव का तंज : जीते जी दवा, ऑक्सीजन, बेड और ईलाज नहीं दिया, अब मरने के बाद दो गज ज़मीन भी नसीब नहीं हुआ, वाह रे सिस्टम…!

Lalu Yadav

बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा से सटे बक्सर के चौसा घाटो के किनारे गंगा नदी में इन दिनों अज्ञात सैकड़ों शव मिलने का सिलसिला जारी है। यह घटनाक्रम से पूरे देश की सियासत तेज हो चुकी है। अलग-अलग विपक्षी पार्टी अपना अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी बीच बिहार के राजद के सुप्रीमो लालू यादव ने भी इस मामले में अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। गंगा किनारे लाशों की ढेर मिलने के बाद प्रशासन द्वारा दफनाए जाने पर लालू यादव ने मोदी सरकार पर जमकर हमला किया है।

लालू यादव ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “भारत में हिंदुओं के शव को दफनाया जा रहा है। ये इंसानियत के खिलाफ है। बता दें कि चौसा में गंगा किनारे शवों का ढेर मिला था, जिसे प्रशासन ने जेसीबी के माध्यम से दफनाया। लालू यादव ने ट्वीट कर कहा, ‘जीते जी दवा, ऑक्सीजन, बेड और ईलाज नहीं दिया। मरने के बाद लकड़ी, दो गज कफ़न और ज़मीन भी नसीब नहीं हुआ। दुर्गति के लिए शवों को गंगा में फेंक दिया। कुत्ते लाशों को नोच रहे है। हिंदुओं को दफ़नाया जा रहा है। कहाँ ले जा रहे है देश और इंसानियत को?”

आखिर क्या है पूरा घटनाक्रम: दरअसल, बीते दिनों बक्सर के घाटों पर लोगों ने गंगा नदी में तैरते 71 शवों को देखा। जब इस संबंध में स्थानीय पुलिस अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने बताया यह लाश बिहार नहीं बल्कि यूपी से तैर कर आ रही है। सरकार भी अपना पल्ला झाड़ते हुए मौन दिखे। आपको दे की शव मिलने के कारण इलाकें में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं सीमा पर गंगा में लगाये गये महाजाल में पांच व पास के घाटों पर पांच लाशें मिलीं। अब तक अधिकारियों के अनुसार कुल 81 शव मिले हैं। जिला प्रशासन के द्वारा शव को जलाने की बजाय उसे उसी घाट पर दफना दिया जा रहा है।‌ बताया जा रहा है कि चौसा गंगा नदी के विभिन्न घाटों से शवों का जखीरा मिलने के बाद प्रशासन द्वारा गंगा व कर्मनाशा नदी के विभिन्न घाटों की निगरानी कड़ी कर दी गयी है। ताकि लोग शवों को नदियों में जल प्रवाह नहीं कर सकें।

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