क्या बिहार चुनाव में देवेंद्र फडणवीस की ‘एंट्री’ के पीछे है सुशांत केस का राजनीतिक फैक्टर?

डेस्क : बिहार विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस को बिहार विधानसभा चुनाव में उतारने की तैयारी में है। उन्हें राज्य का चुनाव प्रभारी बनाया जा सकता है। यह जानकारी पार्टी सूत्रों ने दी है। बिहार चुनाव के मोर्चे पर फडणवीस को लगाने के पीछे उनकी नेतृत्व क्षमता, चुनावी रणनीति बनाने में कुशलता के साथ ही सुशांत सिंह राजपूत फैक्टर को भी अहम वजह माना जा रहा है। भाजपा की नेशनल यूनिट के एक नेता ने  देवेंद्र फडणवीस को बिहार चुनाव में अहम जिम्मेदारी मिलने की पुष्टि की, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी औपचारिक घोषणा होनी बाकी है।

इसे एक्टर सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले के मद्देनज़र भी इसे जोड़ कर देखा जा रहा है. बता दें कि देवेंद्र फडणवीस ने सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच के लिए मुंबई पहुंचे बिहार पुलिस के अध‍िकारी को क्वारंटाइन करने पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि यह वास्तव में बहुत अजीब है कि महाराष्ट्र सरकार बिहार पुलिस को अपने कर्तव्यों का पालन करने की अनुमति न देकर अनावश्यक संदेह के घेरे में आ रही है. फडणवीस ने कहा था कि कोविड -19 महामारी के दौर में आधिकारिक सार्वजनिक सेवा करने वाले अधिकारियों के मूवमेंट को रोकने के लिए उन्हें क्वारंटाइन में नहीं रखा जा सकता है.

पार्टी सूत्रों का कहना है कि जिस तरह से सुशांत सिंह राजपूत का मामला सुर्खियों में आया है बिहार के लोग महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार से नाराज हैं और वे भावनात्मक रूप से इस पूरे मामले से जुड़े हैं। ऐसे में महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के राजनीतिक प्रतिद्वंदी देवेंद्र फडणवीस को बिहार चुनाव के मोर्चे पर लगाकर पार्टी बड़ा दांव चलने की कोशिश में है। फडणवीस उद्धव ठाकरे सरकार पर लगातार हमलावर रहे हैं। बीजेपी अगर सुशांत सिंह राजपूत के मामले को चुनावी मुद्दा बनाएगी तो फडणवीस इसमें कारगर भूमिका निभा सकते हैं।