बिहार के मधुबनी में पुलिसवालों ने अदालत में घुसकर जज की पिटाई-लोगों ने भी पुलिस वालो की कर दी…

Bihar Police

मधुबनी: बिहार के मधुबनी जिले में दो पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को एक न्यायाधीश के कक्ष में घुसकर अपनी सेवा के हथियार निकाले और उन पर हमला किया, इससे पहले कि अनुमंडल अदालत परिसर में वकीलों ने वहा का हंगामा सुना और बाद में उन्हें बचाया।

इस वजह से नाराज है पुलिस खेमा? एक मामले की सुनवाई के दौरान जज अविनाश कुमार ने मधुबनी के एसपी डॉ सत्यप्रकाश को कानून की जानकारी न होने पर ट्रेनिंग के लिए भेजने की अपनी बात की थी। दरअसल, जज कुमार की कोर्ट ने भैरव स्थान थाने में दर्ज एक FIR में पॉक्सो एवं बाल विवाह अधिनियम 2006 नहीं लगाने पर केंद्र और राज्य सरकार दोनो को 14 जुलाई 2021 को एक साथ सरकारी पत्र जारी किया था। इसमें मधुबनी SP, झंझारपुर DSP और भैरव थाना के अलावा, व्यवहार न्यायालय के एक अधिकारी की भूमिका पर अपने सवाल खड़े किए थे। उनको कानून की जानकारी नहीं होने की भी बात कही थी।

पटना उच्च न्यायालय का आदेश तिरिक्त जिला न्यायाधीश अविनाश कुमार- I, दो पुलिस अधिकारियों द्वारा हमले का लक्ष्य, बाद में पटना उच्च न्यायालय को हमले की सूचना दी। बाद में शाम को एक विशेष सुनवाई हुई जिसमें पटना उच्च न्यायालय ने कहा, “प्रथम दृष्टया, ऐसा प्रतीत होता है कि यह प्रकरण न्यायपालिका की स्वतंत्रता को खतरे में डालता है”, और बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) एसके सिंघल को एक स्थिति दर्ज करने का आदेश दिया। एक सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट करें और इसमें शामिल मुद्दों की भयावहता और व्यापकता को देखते हुए सुनवाई की अगली तारीख 29 नवंबर को अदालत में उपस्थित हों।

न्यायाधीश अविनाश कुमार की शिकायत पर स्वत: संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार घोघरडीहा थाना प्रभारी गोपाल कृष्ण और उप निरीक्षक अभिमन्यु कुमार शर्मा जबरन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार के कक्ष में घुसे और उन्हें गालियां देने लगे.जज के कक्षों से तेज आवाजें आने की आवाज सुनकर झंझारपुर के वकील चैंबर में पहुंचे। पटना हाई कोर्ट ने जज अविनाश कुमार (ट्विटर) की शिकायत पर संज्ञान लिया है।

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