नेपाल में लगातार हो रही बारिश से बिहार में बाढ़ जैसे हालात, ख़तरे के निशान से ऊपर बह रहीं नदियां

Bihar Flood

न्यूज डेस्क : बिहार में बाढ़ का कहर लगातार जारी है। कई जिलों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो चुका है। लोग इसी तरह सड़क व अपने छत पर जीवन गुजर गुजर बसर करने पर मजबूर है। फिलहाल बिहार के 11 जिलों में बाढ़ के पानी ने तबाही मचाई है। जिसमे, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण, शिवहर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी और खगड़िया में बाढ़ से लोग परेशान हैं। वहीं, अगर आबादी की बात करे तो लगभग 16 लाख 61हजार आबादी अभी फिलहाल बाढ़ से प्रभावित है। हालांकि, 110380 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से सुरक्षित बाहर भी निकाला गया है।

नेपाल में लगातार बारिश से बाढ़ की स्थिति जस की तस है: बता दें कि भारत के पड़ोसी और बिहार के सीमा से सटे नेपाल में लगातार बारिश जारी है। बारिश की वजह से लागतार पानी बिहार की नदियों में आ रहा है। यही वजह है कि राज्य की नदियां इन दिनों ऊपी तरह से उफान पर हैं। हालात, अगर इसी तरह से बेकाबू होते रहे तो बहुत ही जल्द बाढ़ की स्थिति बन जाएगी। खासकर, कोशी नदी का लगातर जलस्तर बढ़ने लगा है। बहुत ही जल्द वह खतरे के निशान को पार कर सकती है। इसके बाद भी गंडक नदी से पानी आने का सिलसिला अभी थमा नहीं है। बिहार कि 8 नदियां इन दिनों खतरे के लाल निशान से ऊपर बह रही हैं।

अभी तक इतना पानी डिस्चार्ज किया गया है: रिपोर्ट्स के अनुसार बुधवार को कोसी का डिस्चार्ज बैराज इलाके में 1 लाख 52 हजार और बैराज पर 2 लाख 14 हजार घनसेक था। खगड़िया में भी कोसी नदी खतरे के निशान से 95 सेमी ऊपर बह रही है। बाल्मीकनगर बैराज पर गंडक नदी का डिस्चार्ज 1 लाख 55 हजार घनसेक था। गोपालगंज में गंडक नदी खतरे के निशान से 65 सेमी ऊपर बह रही है। वहीं सीतामढ़ी में बारामती नदी फिलहाल खतरे के निशान से नीचे थी, लेकिन बुधवार को वह फिर से खतरे के निशान से 66 सेमी ऊपर चली गई। मुजफ्फरपुर में गंडक नदी खतरे के निशान से 72 और दरड्टांगा में 53 सेमी ऊपर चल रही है। समस्तीपुर में गंडक खतरे के निशान से 145 सेमी और रोसड़ा पुल पर 242 सेमी ऊपर बह रही है।

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