बिहार के अस्पतालों में चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए बिहार के जूनियर डॉक्टर

डेस्क : बुधवार यानी आज से एक बार फिर से बिहार के जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल (Junior Doctor Strike) कर दी है। राज्य के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच (PMCH, Patna) समेत राज्यभर के मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने ये हड़ताल स्टाइपेंड की राशि बढ़ाने की मांग को लेकर की है। बुधवार सुबह 7 बजे से सभी जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं।पीएमसीएच के जेडीए अध्यक्ष डॉ. हरेंद्र कुमार के ऐलान के बाद पीएमसीएच, एनएमसीएच समेत राज्य के सभी 9 मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य व्यवस्था ठप कर दी गई है।

सुबह से ही ओपीडी और इमरजेंसी ठप्प हो गया है और सिर्फ कोविड ड्यूटी जारी रखे हैं। जेडीए की मानें तो 2017 में ही राज्य सरकार ने हड़ताल के बाद भरोसा दिया था कि हर 3 साल पर स्टाइपेंड की राशि में बढ़ोतरी होगी, लेकिन 2020 खत्म होने को है और अब तक स्टाइपेंड की राशि नहीं बढ़ाई गई। इसके बाद सभी हड़ताल पर चले गए हैं। जेडीए को रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने भी समर्थन दिया है और मांगों को जायज बताया है।ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की भीड़ रहती है ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने भरोसा दिया है कि सीनियर डॉक्टर ओपीडी चलाएंगे लेकिन मरीजों के लिए इलाज करवाना फिर भी आसान नहीं होगा क्योंकि जूनियर डॉक्टरों के भरोसे ही अस्पताल चलता है।

हड़ताल की जानकारी डॉक्टरों ने अस्पताल के प्राचार्य के साथ स्वास्थ्य विभाग को भी पत्र लिखकर दे दी है।हड़ताल की वजह से मरीजों की मुश्किलें अब काफी बढ़नेवाली हैं, क्योंकि कोरोना काल में सामान्य और इमरजेंसी मरीजों का इलाज मेडिकल कॉलेजों में प्रभावित होगा। ऐसे में सरकार की भी चुनौतियां बढ़ गई हैं। इससे पहले भी जूनियर डॉक्टर अपनी किसी भी मांगों को लेकर हड़ताल पर जाते रहे हैं और एक बार फिर आज से अनिश्चित कालीन हड़ताल के बाद ये चेतावनी दी है कि जब तक लिखित आश्वासन सरकार के तरफ से नहीं मिल जाता तब तक हड़ताल जारी रहेगा।

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