बिहार में बढ़ेगा रोजगार, गन्ने के साथ मक्के से भी बनेगा इथेनॉल, इन जिलों में लगेगी प्लांट

Ethanol Hub Bihar

न्यूज डेस्क : बिहार में करीब लंबे समय से उद्योग को लेकर मांगे उठ रही थी। बता दें कि बिहार में फैक्ट्री नहीं होने के कारण हर साल लाखों मजदूर दूसरे राज्य जाने को विवश होते है। लेकिन, इसी बीच जब से शाहनवाज हुसैन उद्योग मंत्री का पद संभाले हैं। तब से बिहार में लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में फैक्ट्री की स्थापना हो रही है।

उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा था, की उद्योग और रोजगार नीतीश कुमार सरकार की आज पहली प्राथमिकता है जिस पर ध्यान केंद्रित कर काम किया जा रहा है। जल्द ही बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों में इथेनॉल पॉलिसी (Ethanol Policy) पर काम किया जाएगा। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि बिहार देश का पहला राज्य होगा जो इथेनॉल पॉलिसी लेकर आएगी। आपको बता दें कि बिहार में जब से इथेनॉल पॉलिसी बनाया गया है। तब से लगातार देश की बड़े-बड़े कंपनियां बिहार में अपना फैक्ट्री लगाने के लिए प्रस्ताव दे रहे हैं। इसी बीच आपको बता दें की अब बिहार में 9 एथनॉल फैक्ट्री के लिए जमीन भी आवंटित कर दिए गए हैं। इसका मतलब साफ है कि अब बिहार में 9 एथनॉल फैक्ट्री का काम जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।

जानिए क्या है इथेनॉल और कैसे मिलेगा किसानों को लाभ: बरहाल, कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि यदि बिहार में एथेनॉल की फैक्ट्री शुरू की जाए तो राज्य की ‌आर्थिक दशा में व्यापक सुधार आ सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार यदि बिहार में 100 ऐसी फैक्टियां लगाए तो केंद्र सरकार इसके लिए पूरी मदद करेगी और जितना एथेनॉल यहां बनेगा। उसे केंद्र सरकार खरीदेगी। बता दें कि इथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जिसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसके इस्तेमाल से 35 फीसदी कम कार्बन मोनोऑक्साइड का उत्सर्जन होता है। बता दें इसमें किसानों को इसलिए फायदा होगा। क्योंकि सरकार ने गन्ना, चावल, मक्का जैसे खाद्य पदार्थ को इथेनॉल उत्पादन में बढ़ावा दे रहे हैं। खासकर, बिहार कृषि प्रधान राज्य है। और उत्तरी बिहार में बड़े पैमाने पर गन्ने के उत्पादन होता है। इसके साथ पुरे देश में कुल उत्पादन का 80 फीसदी मक्का बिहार में ही पैदा होता है। इथेनॉल फैक्ट्री खुलने से बड़े पैमाने पर गन्ने, मक्का की मांग बढ़ेगी जिससे किसानों को भी बड़ा फ़ायदा मिलने की उम्मीद है।

बिहार के इन जिलों में खुलेंगे इथेनॉल की फैक्ट्री : बता दें कि देश की नामचीन कंपनी जिंदल ग्रुप को 500 केएलपीडी मतलब की किलोलीटर प्रतिदिन इकाइ स्थापित करने के लिए 50 एकड़ जमीन सुपौल इंडस्ट्रियल एरिया में दिए गए हैं। इसके अलावा बेगूसराय में ईडन स्मार्ट एग्रो को 500 केएलपीडी फैक्ट्री के लिए 50 एकड़ जमीन दिए गए हैं। बेगूसराय में ही न्यू वे होम को 200 केएलपीडी की इकाई लगाने के लिए 30 एकड़ भूमि दिए गए हैं। इसके अलावा मुजफ्फरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में माइक्रोमैक्स को 200 केएलपीडी के प्लांट के लिए 30 एकड़ और बायोफ्यूल प्राइवेट लिमिटेड को 100 एलटीडी की इकाई के लिए 20 एकड़ जमीन का आवंटन किया गया है। इसके अलावा बक्सर के एसजीएस बायोफ्यूल को 200 केएलपीडी क्षमता की इकाई के लिए 30 एकड़ जमीन आवंटित किए गए हैं।

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