BPSC परीक्षा पास होकर भी जिंदगी की जंग हार गया अविनाश,रिजल्ट आने से महज 6 दिन पहले कोरोना से गयी जान

न्यूज डेस्क : भगवान भी अजीब खेल करता है। इस आधुनिक युग में सरकारी नौकरी मिलना कितना मुश्किल हो गया है। यह कोई कहने वाली बात नहीं है। लेकिन, फिर भी अगर सरकारी नौकरी पाना है तो पहले जी तोड़ मेहनत करना पड़ता है।‌ तब जाकर सफलता मिलती है। लेकिन, यह वाक्य बिहार के भोजपुर के रहने वाले अविनाश पर गलत साबित हुआ। बता देे की 65 बीपीएससी (BPSC) मुख्य परीक्षा का रिजल्ट आने से पहले ही भगवान ने उसे अपने पास बुला लिया।

रिजल्ट आने से पहले ही अविनाश की मौत हो गई: बता दें कि भोजपुर जिले के पीरो अनुमंडल के बैसाडीह निवासी विजय शंकर उपाध्याय के 30 वर्षीय बेटे इंजीनियर अविनाश कुमार को बीपीएससी (BPSC) 65वीं मेंस में सफलता मिली है। लेकिन, सबसे बड़ी विडंबना की बात यह है की रिजल्ट आने से महज 6 दिन पहले ही कोरोना से अविनाश की मौत हो गई थी। बीते 24 जून को ही अविनाश ने दुनिया को अलविदा कह दिया था। अविनाश 24 अप्रैल से ही कोरोना से संक्रमित चल रहे थे।

इंजीनियरिंग में अच्छा पैकेज मिलने के बाद भी छोड़ थी: बता दें कि अविनाश बचपन से ही पढ़ने में मेधावी था। और इन्होंने भोपाल टीआइटी से इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन से बीटेक भी किया था। इंजीनियरिंग की फाइनल परीक्षा में स्टेट में वे सेकंड टापर बने थे। अविनाश के चाचा नीलेश उपाध्याय ने बताया कि कैंपस सेलेक्शन में अच्छा पैकेज मिलने के बावजूद भी अविनाश ने नौकरी नहीं की थी। उन्होंने सिविल सर्विसेज (UPSC) की तैयारी शुरू की थी। सिविल सर्विस में जाकर लोगों की सेवा करने का जूनून सवार था। लेकिन, पीएससी मेंस में बाजी मारने के बावजूद भी अविनाश अपने सपने को पूरा नहीं कर सका। क्योंकि, कोरोना ने उसकी सांसे छीन ली।

मुखर्जी नगर में रहने के क्रम में कोरोना हुआ था: परिजनों ने बताया उनके परिवार ने एक चमकता सितारा को जगमगाने से पहले खो दिया। उनके मित्र ने कहा कि पिछले सवा महीने से लगातार हम उसके ठीक होने की उम्मीद कर रहे थे। अपने स्तर से प्रयास भी किया। लेकिन, सारे प्रयासों पर एक झटके में पानी फि‍र गया। पढ़ाई के समय ही अच्छी नौकरी का ऑफर मिला था। लेकिन उसे स्वीकार नहीं कर यूपीएससी की तैयारी करने दिल्ली चला गया था। मुखर्जी नगर में रहते हुए ही कोरोना से संक्रमित हो गया था।

You cannot copy content of this page