जनता दरबार में बंदूक का लाइसेंस लेने पहुंचा युवक, अटपटी मांग से बौखलाए सीएम नीतीश ने फरियादी को भेजा गृह विभाग के पास

CM Nitish

न्यूज डेस्क : बिहार में आम जनता की फरियाद को सुनने और समझने के लिए सीएम नीतीश ने एक बार फिर से “मुख्यमंत्री जनता दरबार कार्यक्रम” की शुरुआत की है। बता दे की इस कार्यक्रम के तहत सुबे के किसी भी जिले के कोई भी आम नागरिक अपनी समस्या को लेकर सीधे मुख्यमंत्री के पास पहुंच सकते है। इसी बीच आज सोमवार को इस कार्यक्रम के तहत बिहार के सीएम नीतीश कुमार लोगों की शिकायतें सुन रहे थे। की तभी इस जनता दरबार (Janta Darbar) में एक ऐसी फरियाद आई। जिसे सुनकर नीतीश कुमार नाराज हो गए। तो चलिए आपको बताते हैं ऐसी कौन सी फरियाद थी, जिसे सुनने के सीएम नीतीश कुमार नाराज हो गए थे।

दरअसल, इस कार्यक्रम के तहत एक युवक बंदूक का लाइसेंस (Gun license) नहीं मिल रहा था, तो इसकी शिकायत लेकर वो सीधे मुख्यमंत्री जनता दरबार में पहुंच गए।युवक ने सीएम से फरियाद लगाते हुए कहा कि वह 2015 से जिला मुख्यालय का चक्कर लगा रहा है। लेकिन उसे बंदूक का लाइसेंस नहीं मिल रहा है। युवक की माने तो स्थानीय डीएम ( DM) जानबूझकर उसको बंदूक का लाइसेंस जारी नहीं कर रहे हैं। बस होना क्या था, यह बात सुनते ही सीएम नीतीश नाराज हो गए। फिर CM ने कहा कि इसे ले जाओ गृह विभाग के पास, ये बंदूक के लाइसेंस के लिए डीएम के पास आवेदन देने की जगह यहां चला आया। यहां कोई बंदूक का लाइसेंस मिलता है।

बताते चलें कि जब से इस योजना की शुरुआत हुई तब से इस दरबार में अजीबोगरीब मामले सामने आते रहते हैं। जिससे हर वक्त वही स्थिति असहज हो जाती है। वही पिछले जुलाई में फरियाद लगाने पहुंची एक महिला का जितिया (सोने का आभूषण) दरबार में ही चोरी हो गया, जिसकी फरियाद महिला ने सीएम से लगाई। आरोप किसी और पर नहीं, बल्कि सुरक्षाकर्मियों पर लगा। जानकारी के लिए आपको बता दें कि CM नीतीश ने 2005 में जब सत्ता संभाली थी, तो उसके बाद जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम की शुरुआत की थी।उस समय यह योजना का व्यापक असर देखने को मिला था। हर सप्ताह विभाग के हिसाब से जनता दरबार लगता था और मुख्यमंत्री खुद लोगों से आवेदन लेकर उस पर कार्रवाई का आश्वासन देते थे।

You cannot copy content of this page