पिता के बंगले से बेदखल हो सकते हैं चिराग पासवान, जानिये चाचा पारस ने क्या जताई है ईच्छा

Chirag paras Ram vilas

न्यूज डेस्क : लोजपा में अध्यक्ष पद से शुरू हुई लड़ाई पूर्ण रूप से खत्म भी नहीं हुआ कि दिवंगत रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान के लिए एक बुरी खबर सामने आ गई। इसी बीच खबर आ रही है कि जमुई सांसद चिराग पासवान लुटियन जोन के 12 जनपथ वाले बंगले से बेदखल हो सकते है। अगर वाकई में चिराग के साथ ऐसा होता है।

तो समझ लीजिए करीब 30 साल बाद वह दिल्ली के किसी दूसरे मकान में नजर आएंगे। बता दें कि दिवंगत रामविलास पासवान के भाई पशुपति पारस मोदी के कैबिनेट में मंत्री बनने के बाद इस बंगले में रहने की अनिच्छा जाहिर की है। उनके नही रहने की एक ही वजह है। वो बताते हैं, अपने बड़े भाई राम विलास पासवान के नही रहने से वो इस आवास में नहीं रहना चाहते। अगर वो इस बंगले में रहते हैं तो उन्हें हर वक्त भाई की कमी महसूस होगी। यह स्थिति उन्हें असहज कर सकती है। इसीलिए पशुपति पारस इस बंगले में नहीं रहना चाहते हैं। वही चिराग की मानें तो चाचा उन्हें पार्टी से बेदखल करने की कोशिश तो कर रहे हैं। अब उससे भी मन नहीं भरा बेघर भी कर दिया।

आखिर क्या वजह है कि चिराग इस बंगले में नहीं रह सकते है: बता दे की यह बंगला केंद्र सरकार के शहरी मंत्रालय का अधीन है। इसीलिए इस बदले में सिर्फ केंद्रीय मंत्री या उस स्तर के लोग ही इस बंगले में रह सकते हैं। लेकिन चिराग तो अभी फिलहाल एक सांसद के रूप में है। इसीलिए वो इस बंगले से बेदखल हो सकते हैं। जानकारी के लिए आपको बता दें की वीपी सिंह के कैबिनेट में मंत्री रहने के दौरान यह बांग्ला रामविलास पासवान के नाम से आवंटित हुआ था। उस समय चिराग की उम्र महज 8 साल थी। वो उसी उम्र में माता-पिता के साथ इस बंगले में आए थे। चिराग का इस बंगले में बचपन और जवानी के खूबसूरत पल बीते। इसी आवास में रहते हुए वह दो बार सांसद बने। यूपीए सरकार ने मंत्री न रहते हुए भी रामविलास पासवान की वरीयता और उपयोगिता को देखते हुए इस आवास में उन्हें बने रहने दिया। चिराग अभी वैसी हैसियत हासिल नहीं कर पाए हैं।

अब किसको मिलेगा यह बंगला: बता दें कि यह बंगला बिहार के किसी भी मंत्री को मिल सकता है। वहीं अगर हाल ही में मंत्री बनने की बात करें तो राज्य से सिर्फ दो नए मंत्री बने हैं। पहला चाचा पारस जो इस बंगला में जाने से इनकार कर दिया है। इसीलिए शहरी मंत्रालय ने उन्हें चार जनपथ सहित तीन अन्य बंगला का विकल्प दिया है। वही इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह को अब बड़ा आवास मिलेगा। बहुत संभावना है कि 12 जनपथ का आवंटन उनके नाम से किया जाए। 

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