छपरा का लाल सुरक्षित, एक ही नाम से हुई गलतफहमी

छपरा. इस वक्त की बड़ी खबर बिहार के छपरा से आ रही है, जहां भारत-चीन सीमा पर हुए विवाद में सुनील राय नाम के सैनिक शहीद नहीं हुए हैं. दरअसल, एक ही नाम के कारण गलतफहमी हुई, जिसके बाद उनके शहादत की सूचना घर तक पहुंच गई. बुधवार को सुनील राय ने खुद फोन कर अपने परिजनों से बात की जिसके बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ. सुनील के परिजनों ने बताया कि उनसे बात हुई है और वो लद्दाख में पूरी तरह से सुरक्षित हैं.

एक नाम को लेकर हुई गलतफहमी सेना के अधिकारियों ने परिवार से बात करते हुए बताया है कि यह गलतफहमी के कारण गलत सूचना आ गई थी, लेकिन लद्दाख में सुनील पूरी तरह ठीक हैं. जैसे ही परिवार वालों को सुनील के सुरक्षित होने की खबर मिली मातम का माहौल अचानक से खुशियों में बदल गया.

मंगलवार को आई थी शहादत की खबर इससे पहले मंगलवार की रात भारत-चीन बॉर्डर पर चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में बिहार के सारण के भी जवान सुनील के शहीद होने की खबर मिली थी, जिसके बाद परसा प्रखंड के दिघरा परसा गांव में कोहराम मच गया था. सारण के डीएम सुब्रत कुमार सेन ने भी सेना के जवान सुनील कुमार के शहीद होने की पुष्टि की थी. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा था कि अभी विस्तृत जानकारी का इंतजार है. जवान सुनील कुमार (38 वर्ष) छपरा जिले के दीघरा परसा गांव के रहने वाले हैं.

परिवार के लोगों ने ली राहत की सांस मंगलवार शाम साढ़े पांच बजे पत्नी मेनका राय को सेना के अधिकारियों ने फोन कर इस बात की जानकारी दी. पति की शहादत की खबर सुन पत्नी फूट-फूट कर रोने लगी थी. पूरा गांव घर पर इकट्ठा हो गया था. जवान के पिता सुखदेव राय 12 साल पहले आर्मी से रिटायर हुए थे और फिलहाल पश्चिम बंगाल में दूसरी सर्विस कर रहे हैं. सुनील दो भाइयों में बड़े हैं. उनकी तीन साल की एक बेटी है.