बिहार में अप्रैल-मई में पंचायत चुनावों की संभावना, 300 पंचायतों का अस्तित्व खत्म

डेस्क : बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के बाद अब बारी है बिहार में पंचायत चुनावों की। मालूम हो कि बिहार में गठित होने वाली नई ग्राम पंचायतों में इस बार आरक्षण की स्थिति क्या होगी, इसको लेकर पंचायती राज विभाग में अभी से मंथन शुरू हो गया है। क्योंकि अप्रैल-मई में इस बार ग्राम पंचायत चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में नयी ग्राम पंचायतों में आरक्षण क्या होगा, इस पर शीघ्र निर्णय लिये जाएंगे।

बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। फिलहाल मतदाता सूची पर काम जारी है। गौरतलब है कि 117 नये नगर निकायों के गठन और कइयों के विस्तार से इस बार करीब 300 ग्राम पंचायतों का अस्तित्व अब नहीं रहेंगा। वहीं कुछ ग्राम पंचायतों का नये सिरे से गठन होगा, क्योंकि इन पंचायतों का अधिकतर हिस्सा नगर निकाय में गया है, पूरा नहीं। इसलिए इस बार के चुनाव में पंचायतों के आरक्षण में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। पर, जो नयी पंचायतें होंगी, सिर्फ उनके लिए सरकार निर्णय लेगी।

इसके लिए क्या नियमावली होगी, यह सरकार के द्वारा तय किया जाएगा। इसके बाद सभी जिलों को विभाग की ओर से दिशा – निर्देश जारी किए जाएंगे। फिर उसी दिशा – निर्देश के आधार पर नयी पंचायतों में चुनाव कराए जाएंगे।पंचायती राज अधिनियम के  अनुसार किसी भी पंचायत-वार्ड में लगातार दो चुनावों के लिए आरक्षण लागू रहता है। वर्ष 2016 के पंचायत चुनाव में सीटों के आरक्षण बदले गए थे।