KBC में 5 करोड़ जीतने वाले बिहार के सुशील कुमार ने बयां किया दर्द, बोले-लग चुकी थी कई बुरी लत, जानें अब किस हाल में जी रहे

KBC SUSHIL KUMAR

न्यूज डेस्क : कौन बनेगा करोड़पति(KBC) का 13वा सीजन 23 अगस्त को टीवी पर प्रसारित हो चुका है। इस शो को जीतने के लिए हर बर्ष कई प्रतिभागी अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर बैठकर अपना लक आजमाते हैं। लेकिन, उनमें से कोई एक ही मोटी रकम जीत पाता है। लेकिन, इसी बीच आप लोगों को एक ऐसे कंटेस्टेंट्स की कहानी बताने जा रहे हैं। जिनका नाम इस शो में सबसे ज्यादा चर्चा में रहा है। बता दे की उनका नाम..सुशील कुमार जो मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। सुशील ने साल 2011 में “कौन बनेगा करोड़पति” में हिस्सा लिया था।

शो जीतने की वजह से सुशील लंबे समय तक सुर्खियों में रहे हालांकि, इसकी वजह से उनकी जिंदगी का सबसे बुरा दौर भी शुरू हो गया। सुशील को शराब और सिगरेट की लत लग गई थी। पत्नी से उनकी बन नहीं रही थी। उनका काम धंधा भी कुछ खास चल नहीं रहा था। तो चलिए जानते हैं उनकी कहानी… बताते चलें कि सुशील ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने जिंदगी का बीता हुआ सभी लम्हा साझा किया। सुशील बताते हैं ” 2015-16 का समय मेरे जीवन का सबसे चुनौतीपूर्ण समय था। उस वक्त कुछ समझ नहीं आ रहा था। एक लोकल सेलिब्रिटी होने के नाते मुझे महीने में 10-15 दिनों तक बिहार में कार्यक्रम में शामिल होना पड़ता था। ऐसे में पढ़ाई धीरे-धीरे दूर हो गई। मीडिया द्वारा लगातार मुझसे पूछे जा रहे थे, आप क्या कर रहे हैं। ऐसे में मैं बिना अनुभव के ही नए-नए बिजनेस करता था, जिससे मीडिया को बता सकूं कि मैं बेकार नहीं हूं। लेकिन परिणाम ये होता कि बिजनेस कुछ दिनों में डूब जाता था।”

डोनेशन के नाम पर लोगों ने मुझे खूब ठगा: सुशील आगे बताते हैं कि केबीसी (KBC) जीतने के बाद मुझे डोनेट करना अच्छा लगता था इसीलिए मैं जी भर के डोनेट करने लगा। इस दौरान हर महीने तक तकरीबन 50-60 हज़ार रुपया लोगों को दान कर देता था। अज्ञात लोगों ने मुझे खूब ठगा। ठगी के बारे में दान करने के कई दिनों बाद पता चलता। आगे उन्होंने बताया केबीसी सीजन जीतने के बाद मेरे और पत्नी के बीच का संबंध धीरे-धीरे खराब होने लगा। मेरी पत्नी मुझसे कहा करती थी, आप इतना पैसा डोनेट मत कीजिए यह लोग आप को ठग रहे हैं। इसी बात को लेकर हम दोनों के बीच अनबन हो जाती थीं। वो अक्सर कहा करती थी कि आपको सही-गलत लोगों की पहचान नहीं है और भविष्य की कोई चिंता नहीं है। ये सुनकर मुझे लगता था कि वो मुझे नहीं समझती जिस कारण दोनों में खूब झगड़े होते थे।

शराब और सिगरेट की लत लग गई: सशील आगे बताते हैं कि “मैंने कार लेकर दिल्ली में चलवाना शुरू किया। हर महीने मुझे दिल्ली जाना पड़ता था। इसी दौरान मेरा परिचय जामिया मिलिया में मीडिया की पढ़ाई कर रहे लड़कों से हुआ। फिर आईआईएमसी में पढ़ाई कर रहे लड़के, फिर उनके सीनियर, फिर जेएनयू में रिसर्च कर रहे लड़के से परिचय हुआ, जब ये लोग किसी विषय पर बात करते थे तो लगता था कि मुझे तो कुछ पता ही नहीं है। इन लोगों के साथ बैठकें होने लगीं और फिर धीरे-धीरे मुझे शराब और सिगरेट की लत लगने लगी।

अंत में शराब पीनी छोड़ दी: सुशील ने बताया मैं सब कुछ छोड़ छाड़ कर मुंबई स्थित घर पर आ गया। और टीचर की तैयारी की और पास भी हो गया। अब पर्यावरण से संबंधित बहुत सारे कार्य करने लगा। जिसके कारण मुझे एक अजीब तरह की शांति का एहसास होता है। आखिरी बार मैंने शराब मार्च 2016 में पी थी उसके बाद पिछले साल सिगरेट भी खुद ब खुद छूट गई। अब तो जीवन मे हमेशा एक नया उत्साह महसूस होता है और बस ईश्वर से प्रार्थना है कि जीवन भर मुझे ऐसे ही पर्यावरण की सेवा करने का मौका मिलता रहे इसी में मुझे जीवन का सच्चा आनंद मिलता है।

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