बिहार की बेटी ने रचा इतिहास, नालंदा से केरल तक 3306 KM साईकल से तय किया सफर , जानिए क्यों है ऐसा जुनून

Bihar to Kerla By Cycle

बिहार की बेटी ने पूरे राज्य को गौरान्वित किया है। यहां अमीर खान की फ़िल्म दंगल की एक डायलॉग बिलकुल सटीक बैठती है ‘म्हारी छोरियां छोरो से कम है के’ अर्थात मेरी बेटी, बेटों से कम है क्या, ऐसा ही कुछ बिहार के नालंदा की बेटी अर्पणा सिन्हा ने कर दिखाया है। बतादें कि अर्पणा ने बिहार से केरल तक कुल 3,306 किलोमीटर तक का सफर महज़ एक साइकिल से 28 दिनों में तय कर राज्य का नाम रोशन किया है। ‘ग्रीन इंडिया अभियान’ के तहत यात्रा पर निकली अर्पणा ने पूरे देश के लोगो को ग्रीन इंडिया का संदेश दिया है। यात्रा से बिहार लौटने पर उनका और उनके सहयोगी उत्पल कांत कुशवाहा का राज्य में भव्य स्वागत किया गया।

नालंदा की बेटी अर्पणा ने अपने गृहजिले में कदम रखते ही वहां की माटी को माथे से लगा कर प्रणाम किया। अर्पणा सिन्हा ने कहा कि चारों ओर हरियाली होने पर न केवल पर्यावरण स्वच्छ रहेगी बल्कि हमारे अगल-बगल के प्राकृतिक वातावरण से जीवन भी सुंदर बनेगा। उन्होंने आगे कहा अभी के समय में ग्लोबल वार्मिंग, बढ़ती गर्मी, बिना मौसम के वरसात यह सब हरियाली को निपटाने का नतीजा है। धरती पर 33 प्रतिशत जांगल होना आवश्यक है। पर्यावरण का संतुलन डगमगाने की मुख्य करण विकास के नाम पर वनों से पेड़- पौधों की कटाई है।

जिससे उत्पन हुई संकट भी कुछ वर्षों से दिख रहा है। बैज्ञानिक भी इस बात से बहुत चिंतित रहते हैं। सरकार भी जागरूकता फैलाने ले लिए ग्रीन इंडिया अभियान की तरह कई अभियान चालते रहते हैं, लेकिन इस अभियान में पूरे देश वासियों को साथ देना होगा। अपने आस- पास पेड़-पौधे जरूर लगाएं। यदि आस- पास जगह का अभाव हो तो अपने छत पर ही गमला या प्लास्टिक की बोतल को काट कर उसमें पौधें लगाएं, इसे पर्यावरण भी स्वच्छ रहेगा और आपका घर भी सुंदर दिखेगा।

14 जुलाई को ग्रीन इंडिया अभियान पर निकले थे मालूम हो कि अर्पणा सिंहा ओर उनके सहयोगी दोनों ही जुलाई महीने के 14 तारीख को बिहार शरीफ से इस अभियान के लिए रवाना हुए थे। बतादें कि ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार द्वारा दोनों को रवाना किया गया था। इस 28 दिनों की सफर में केरल जाने के दौरान झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र सहित कई अन्य राज्यों का सफर किया। इन सभी जगहों पर वहां के लोगों के द्वारा उन दोनों का स्वागत किया गया। साथ ही इन्होंने सभी को इस अभियान में अपना योगदान देने की अपील की। सभी से पेड़ पौधे लगाने के लिए आग्रह किया।

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