बड़ी खबर: उपेंद्र कुशवाहा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिले, क्या ये हैं नए सियासी समीकरण की शुरुआत

Nitish Kumar And Upendra Kushwaha

डेस्क : बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के परिणाम आए अब लगभग महीने भर होने को आए। दिन-प्रति -दिन सरकार को नयी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। विधानसभा चुनाव के बाद एक बार फिर प्रदेश में राजनीतिक हलचल जैसा माहौल दिख रहा है। ऐसे में कभी जदयू के साथ राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाले रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ हुई मुलाकात ने सियासी गलियारों में चर्चाओं के माहौल को गर्म कर दिया है। इस मुलाकात के बाद अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।

मालूम हो कि राज्य में लोकसभा, विधानसभा व राज्यसभा की सभी सीटें भर गयी हैं। सिर्फ विधान परिषद की 18 सीटें खाली हैं, जिनमें 12 मनोनयन कोटे की और दो विधानसभा कोटे की सीटें हैं। चार स्थानीय प्राधिकार कोटे की सीटें हैं, जिनके लिए अगले साल चुनाव होगा। जदयू ने इस चुनाव में 15 कुशवाहा उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें पांच की जीत हुई। एक ओर विधान परिषद की मनोनयन कोटे की दर्जन भर सीटों को भरे जाने को लेकर सरगर्मी तेज हो गयी है, तो दूसरी ओर हार की समीक्षा कर रहा जदयू कुछ दिग्गज नेताओं को पार्टी में लाकर पिछड़े और मुस्लिम वोटरों के बीच पैठ जमाने की कोशिश में है।

इसी परिप्रेक्ष्य में मुख्यमंत्री से उपेंद्र कुशवाहा की मुलाकात को जोड़ कर देखा जा रहा है, जबकि उपेंद्र कुशवाहा फिलहाल किसी नये राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना से इन्कार कर रहे हैं। इसके बावजूद चुनाव के दौरान बसपा और एआइएमआइएम के साथ गठबंधन कर सुर्खियों में आये रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा एक बार फिर चर्चा में हैं। वहीं जदयू पिछड़ी जमात में अपनी राजनीतिक ताकत में इजाफा चाहता है। तो लोकसभा और विधानसभा चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद उपेंद्र कुशवाहा नयी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।

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