बिहार : दस माह के अयांश को है आपकी जरूरत, सिर्फ 16 करोड़ का इंजेक्शन ही बचा सकता है जान, मदद को आगे आ रहे हैं लोग

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न्यूज डेस्क : बिहार की राजधानी पटना के रहने वाले एक दम्पत्ति पिछले कई दिनों से अपने बच्चे को बचाने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से मदद की गुहार लगा रही है। दम्पत्ति के एक 10 माह का बच्चा “स्पाइनल मस्कुलर स्ट्राफी बीमारी” से पीड़ित है। इस बीमारी का कुल खर्च तकरीबन 16 करोड़ के आसपास बताई जा रही है। दम्पत्ति के पास इतने पैसे नहीं हैं, की वह अपने मासूम बच्चे को इलाज करवा सके। इसीलिए, उन्होंने आम लोगों से लेकर सरकार तक से गुहार लगाई है ताकि अयांश को बचाया जा सके। फिर धीरे-धीरे लोग जब इस घटना से परिचित हुए तो लोगों ने इस बच्चे का जीवन बचाने के लिए सोशल मीडिया पर एक मुहिम चलाया हुआ है। जिसमे लोगो ने ट्विटर पर #जीवनमांगेअयांश हैशटैग ट्रेंड कराया है।

जन्म के 2 महीने बाद पता चला इस बीमारी के बारे में.. जानकारी के मुताबिक, अयांश किसी गंभीर बिमारी की चपेट में है इसका आभास भी उसके मां-पिता को नहीं था। जन्म के दो महीने बाद जब मासूम को पीड़ा शुरू हुई तो डॉक्टर से दिखाया गया और जांच में ये दुर्भाग्यपूर्ण पुष्टि हुई। लेकिन, घरवालों की चिंता तब और बढ़ी जब इस बीमारी के बारे में विस्तार से पता चला। दरअसल, डॉक्टर की मानें, तो इस बीमारी की जद में आने के बाद मासूम की उम्र अधिकतम 2 साल तक ही रहती है। इस बीमारी से मरीज का मांस धीरे-धीरे जलने लगता है।

बचाने का मात्र एक ही उपाय है 16 करोड़ का इंजेक्शन बताते चलें कि इस बीमारी से ग्रसित होने के बाद बच्चे के अंदर दिन-व दिन समस्या तेजी से गहराती है। पीड़ित बच्चे की मांसपेशियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि वो हिलने-डुलने लायक तक भी नहीं रहते हैं। साथ ही सांस लेने के लिए भी वेंटिलेटर की जरुरत पड़ती है। इसके लिए एकमात्र इंजेक्शन कारगर होता है जिससे बच्चे की आयु बढ़ सकती है। लेकिन वो इंजेक्शन खरीदना इतना आसान नहीं है।

यह इंजेक्शन भारत में नहीं है उपलब्ध आपको बता दें कि बच्चे को बचाने वाला इंजेक्शन “जोलजेन्स्मा इंजेक्शन की कीमत करीब 16 करोड़ रुपये है। जो कि भारत में नहीं मिलता है। उसे विदेश से मंगाया जाता है। अयांश के माता-पिता अपने बच्चे को इंजेक्शन दिलाने के लिए लोगों से व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगा रहे हैं। इस इंजेक्शन की खासियत ये है कि यह बच्चों की मांसपेशियों को कमजोर करने वाले जीन को निष्क्रिय कर देता है,तंत्रिका कोशिकाओं के लिए जरूरी प्रोटीन को बनाने में मदद करता है। अयांश की जान बचाने को लेकर बिहार भर के लोग आ रहे हैं । जिसकी जितनी शक्ति है उतनी अयांश के लिए लगा रहे हैं।

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