बिहार की जनता के फैसले का किया गया है अपमान, हम सत्ता में नहीं बैठे तो क्या लोगो के दिल में मौजूद हैं

डेस्क : बिहार चुनाव खत्म हो चुके हैं ऐसे में उनके खत्म होने के बाद राजद ने पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव को मीडिया से बात चीत का मौका मिला। जब प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही थी तो नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का कहना था कि वोटों की गिनती में धांधली की गई है क्योंकि इस बार पूरा समर्थन राजद को मिला था। परंतु जहां महागठबंधन पूर्ण बहुमत की तरफ पहुंचने वाला था तो एनडीए की घपले बाजी चालू हो गई और वोटों की गिनती में हेरफेर की गई। उनका कहना है कि इस बार उन्होंने बिहार के असल मुद्दों का जायजा लिया और उसके बाद ही अपना एजेंडा तैयार किया जिसको अपनी रैलियों में बखूबी जनता के आगे पेश किया ऐसे में जनता का भी खूब समर्थन मिला। उन्होंने नीतीश कुमार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग बिहार की सत्ता में चोर दरवाजे से घुसना चाहते हैं वैसा करना छोड़ दें।

इसके बाद वह वोटों की गिनती का गणित समझाते हुए बोले की अगर चुनाव आयोग कहता है कि महागठबंधन को एनडीए से केवल 12270 वोट कम मिले तो ऐसे में 12 सीटें किस तरह से कम हो गई इसका हिसाब समझ नहीं आ रहा है। ऐसे में जिस तरीके से आखरी तक वोटों की गिनती होती रही उससे यह साफ जाहिर होता है कि गिनती करने वालों की मंशा ठीक नहीं थी या तो फिर एनडीए की तरफ से घपला किया गया है।

यह जो 12 सीटें कम आई है इन को लेकर राबड़ी देवी के आवास पर निर्वाचित विधायकों की बैठक करवाई गई है और उसके बाद महा गठबंधन के घटक दलों की सहमति के बाद नेता प्रतिपक्ष का भी चुनाव किया गया। ऐसे में तेजस्वी यादव ने सभी पार्टियों के नेताओं का हौसला बढ़ाते हुए उत्साह बढ़ाया है और कहा कि यह सब एक साजिश के तहत किया गया है। जिसमें जोड़-तोड़ कर सरकार बनाई जा रही है साथ ही वह बोले कि जब वोटिंग की जाती है तो 40 दिनों तक फुटेज और ईवीएम को सुरक्षित रखना होता है परंतु चौंकाने वाली बात यह है कि बड़ी तादाद में पोस्टल बैलट को निरस्त कर दिया गया और अपनी बात को खत्म करते हुए बोले कि हम सत्ता में नहीं बैठे तो क्या हुआ लोगों के दिल में जरूर बैठे हैं।