बिहार के 32 जिलों में ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ के तहत रेलवे प्रवासियों को दे रहा रोजगार

डेस्क: बिहार में रेलवे की परियोजना में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिया जा रहा है. लॉकडाउन के दौरान जितने भी मजदूर अपने काम छोड़कर घर लौटे हैं उन लोगों को रोजगार प्रदान करने के लिए भारतीय रेल मिशन मोड़ पर काम कर रहा है. पूर्व मध्य रेलवे के द्वारा ऐसे तमाम प्रवासी मजदूरों को गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मुहैया कराया जा रहा है.इसमें प्रवासी श्रमिकों को नई लाइन दोहरीकरण आमान परिवर्तन विद्युतीकरण से जुड़े कार्य भी दिया जा रहा है.

32 जिलों में प्रवासियों को मिल रहा रोजगार इस योजना के तहत बिहार के 32 जिलों के प्रवासी श्रमिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इस योजना को सफल बनाने के लिए इन जिलों में एक-एक कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं. बिहार के कुल 37 रेल परियोजनाओं में प्रवासी कामगारों को लगाया गया है. रेलवे के मुताबिक 20 जून से 7 अगस्त तक प्रवासी कामगारों के लिए 1 लाख 35 हजार 425 मानव दिवस रोजगार सृजित किया गया है, और इसके लिए मजदूरों को 262.82 करोड रुपए का भुगतान किया गया है।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने कहा ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ के तहत बिहार के 32 जिलों में प्रवासी श्रमिकों को रोजगार मुहैया किए जा रहे हैं। इन 32 जिलों में से 23 जिले पूर्व मध्य रेलवे के क्षेत्राधिकार में आते हैं इन जिलों में रेलवे के कार्य में प्रवासी श्रमिकों को रोजगार भी दिए जा रहे हैं। राज्य में दोहरीकरण परियोजनाओं के तहत समस्तीपुर- दरभंगा, कटोरिया-कुरसेला, संगौली- बाल्मीकि नगर, मुजफ्फरपुर-संगौली, रमुना सिंगरौली, करैला रोड- शक्तिनगर परिजनों में प्रवासी श्रमिकों को उनके कौशल के अनुसार रोजगार दिया जा रहे हैं। इसी के तहत खगरिया- कुशेश्वर स्थान, कोसी ब्रिज, हाजीपुर सगौली,सकरी-हसनपुर, छपरा-मुजफ्फरपुर, अररिया -सुपौल, बिहारशरीफ- बरबीघा, इस्लामपुर-नटेसर, कोडरमा- तिलैया नई लाइन परियोजना एवं सकरी-लौकहाबाजार- निर्मली तथा सहरसा-फारबिसगंज एवं जयनगर- दरभंगा- सीतामढ़ी-नरकटियागंज- भिखनाठोढी आमान परिवर्तन कार्य में प्रवासी श्रमिक अपनी भागीदारी सुरक्षित कर रहे हैं। इसके अलावा विद्युतीकरण कार्य में प्रवासी कामगारों को रोजगार मिल रहा है।