प्रदूषित और ठंडी हवा से बढ़ेगा कोरोना का खतरा, बिना मास्क घर से न निकले

pollution in bihar

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डेस्क : सर्दियों के मौसम ने दस्तक दे दी है ऐसे में वायु में काफी छोटे कण मौजूद रहते हैं जो कि आपकी नाक की नालियों के जरिए आप के फेफड़ों तक जाते हैं और आपको एक घातक बीमारी दे सकते हैं। ऐसे में इन बीमारियों की मुख्य वजह वायु प्रदूषण होती है। यह वायु प्रदूषण आज कल के कारखानों से गाड़ी के धुंए से और अन्य जहरीले पदार्थों को जलाने से उठता है। यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप जब भी घर से बाहर निकले तो मास्क लगाकर निकले यह मात्र कोरोना से बचने के लिए ही नहीं बल्कि आपकी स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक रहेगा।

जैसा कि हम जान रहे हैं कि सर्दियां आ चुकी है पर सर्दियों में धुंध के कारण यह स्पष्ट रूप से पता नहीं लगता कि क्या यह धुआं है या धुंध है। इस वजह से कई लोगों को शंका बनी रहती है जिस कारण व इस को हल्के में ले लेते हैं। आगे चलकर गंभीर यह लोग बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। ऐसे समय में खांसी सर्दी जुखाम होना भी लाजमी है और जब इस तरह के रोगी हवा में खांसते हैं, छींकते हैं तो छोटे छोटे कण हवा में घुल जाते हैं और वह दूसरे इंसान में चले जाते हैं जिस कारण खतरा और संक्रमण दोनों ही बढ़ जाता है। इस वक्त अगर हम डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन फॉलो करें तो यह बेहद ही लाभप्रद हो सकता है और केरल के मेडिसिन विभाग के डॉक्टर सौरव करमाकर का कहना है कि कोचिंग यूनिवर्सिटी, मणिपाल यूनिवर्सिटी शोध में पाया गया है कि वायु गुणवत्ता दिन पर दिन खराब होती जा रही है जिसके कारण संक्रमण बढ़ना लाजमी है परंतु अगर बात करें दिल्ली के मुकाबले पटना की तो अभी पटना की स्थिति सुधरी हुई है।

पटना के वातावरण में प्रदूषण के करण की गिनती

फिलहाल बिहार की ओर जो प्रदूषण आ रहा है वह 10 पीएम और 2.50 पीएम के मोटे कण वाला धूल का ही कण है जो कि आसपास की हवा में घुल जाएगा और अगर कोई भी कोरोना ग्रसित मरीज होता है तो उसका ड्रॉपलेट उस धूल कण में आसानी से बैठ जाता है जिस कारण अगर किसी व्यक्ति ने मास्क नहीं लगाया होगा तो वह उसके शरीर में आसानी से जा सकता है।

पटना एम्स के डॉक्टरों का मानना है कि यह 2.50 पीएम वाला प्रदूषण कण बेहद ही खतरनाक साबित हो सकता है क्योंकि यह सांस लेते दौरान नाक की नलियों से सीधा फेफड़ों तक पहुंचता है और गंभीर बीमारियां करने में सक्षम है और जब हवा ठंडी होती है तो यह वजन बढ़ा लेता है जिस कारण वह सतह पर परत बना लेता है और इसको हटा पाना मुश्किल होता है ऐसे में उन लोगों से दूरी बनाए रखना बेहद ही आवश्यक है जिनको पहले से ही जुखाम-खांसी है। बात करें अगर पटना वायु गुणवत्ता सूचकांक की तो वह इस वक्त 290 के करीब पहुंच गया है ऐसे में अगर हवा प्रदूषित पाई जाती है तो आने वाले समय में यह बढ़ सकता है क्योंकि हवाओं का रुख दिल्ली के बाद सीधा पूर्वांचली इलाकों की ओर ही होता है ऐसे में प्रदूषण आ सकता है तो दूरी बनाए रखें और मास्क पहने