बिहार के लाल ने UPSC की परीक्षा में पहला स्थान प्राप्त कर देश का किया नाम रोशन, जंदगी भर की गरीबी से किया सामना

डेस्क : इस जमाने में सफलता किसी सुख सुविधा की मोहताज नहीं होती। ऐसे में बिहार के लाल ने यूपीएससी में पहला स्थान प्राप्त किया है आपको बता दें कि 2019 में सीआपीएफ यूपीएससी की भर्ती निकली थी जिसको बिहार के वैशाली जिले के जंदाहा प्रखंड सस्तौल गांव  के निवासी सचिन कुमार ने भरा था। लॉकडाउन के बाद सचिन ने यह निश्चय किया कि वह अपनी पढ़ाई के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी भी करेंगे और उन्होंने अपनी तैयारी शुरू की।

उन्होंने अपनी तैयारी में किसी प्रकार की कमी ना छोड़ते हुए इस तरह तैयारी की कि मात्र 22 साल की उम्र में वह 264 छात्रों को पीछे छोड़ सबसे पहले स्थान पर आ खड़े हुए। आपको बता दें कि वह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के छात्र हैं और उनके पास स्नातक डिग्री भी है। उनको पढाई में कई रोड़े आए लेकिन सभी रोड़ों को उन्होंने साफ करते हुए अपना लक्ष्य साफ़ किया। वह सस्तौल गांव के राजेश्वर राय एवं चंदा देवी के पुत्र हैं लेकिन इस वक्त उन्होंने अपने माता-पिता का नाम रोशन कर रखा है उनके पिताजी वीवी मधेपुरा में लीगल इंचार्ज के पद पर कार्य कर रहे हैं और उनके दादाजी ने रिक्शा ढोकर एक समय पर घर चलाया था। साथ ही उनके पिताजी ने विश्वविद्यालय में डेली वेज क्लर्क का भी काम किया हुआ है।

अपने पूरे जीवन काल में उन्होंने कई संस्थानों से पढ़ाई की है जैसे कि उन्होंने बीए ऑनर्स राजनीति विज्ञान बीएचयू से किया है। उसके बाद उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा बिहार में रहते हुए पटना सेंट्रल स्कूल में की और छठी क्लास में उन्होंने सैनिक स्कूल में दाखिला ले लिया। इसके बाद आठवीं कक्षा में उन्होंने बिहार टॉप किया और राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज में भी दाखिला हासिल करने के पात्र बने और देहरादून में अपना नामांकन करवाया। उन्होंने अपनी लगन और मेहनत के बल पर हर जगह झंडे गाड़े हैं अब सचिन को लोग जानने लग गए हैं और वह अपने माता-पिता और आस-पड़ोस एवं जिले और पूरे राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं