तबीयत बिगड़ने पर राजद सुप्रीमो लालू यादव के स्वास्थ्य पर डॉक्टरों की नजर, पार्टी और परिवार के लोगों में चिंता

डेस्क : राजद सुप्रीमो लालू यादव की तबियत एक बार फिर से खराब होने की खबर आ रही है। पहले उनकी तबियत किडनी के कारण खराब हुई थी। लेकिन, इस बार डॉक्टरों ने कहा की उनके फेफड़ों में संक्रमण आ चुका है। काफी समय से उनको सांस लेने में परेशानी हो रही थी। जब रिम्स के डायरेक्टर से बात चीत की तो पता लगा की फिलहाल उनकी तबियत में सुधार आ गया है। डॉक्टरों की रिपोर्ट का कहना है की उनको निमोनिया के लक्षण भी है। लालू यादव का आर-टी पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट आज आजाएगी जिसमें यह साफ़ हो जाएगा की वह कितने खतरे में है।

लालू यादव को चारा घोटाला के चलते 14 साल की सजा सुनाई गई है। राजद सुप्रीमो लालू यादव 2017 से सजा काट रहें हैं। इस वक्त उनको एक नहीं बल्कि अनेको बीमारियां हैं कुछ समय से। बिहार विधान सभा 2020 चुनाव से पहले लालू परिवार को यह उम्मीद थी की जब उनके परिवार का चिराग बिहार का मुख्यमंत्री बन जाएगा तब राजद सुप्रीमो लालू यादव को जेल से छुट्टी मिल जाएगी। साल 2020 में वह रिम्स के निदेशक द्वारा कैली बंगले में ठहराए गए थे जहां पर उनके सर्दियों की व्यवस्था की गई थी।

बीते कुछ महीनों में लालू यादव की तबियत इतनी ज्यादा बिगड़ गई थी की उनके डॉक्टरों ने कह दिया था की लालू जी की किडनी बेहद ही खराब हो गई है। मात्र 25 % हिस्सा की किडनी का काम कर रहा है और वह भी ठीक हालत में नहीं है। लालू यादव की जांच रिम्स के डॉक्टरों द्वारा समय समय पर की जा रही है। अभी उनके कई टेस्ट हो चुकें हैं और कई टेस्ट होने बाकी हैं। उनका इस वक्त कोरोना टेस्ट निमोनिया की जांच एक बार फिर से करवाई गई है और उनकी हालत अभी स्थिर है। इस खबर से राजद पार्टी के नेता भी ख़ासा परेशान दिख रहे हैं। लालू जी के वकील से बात करने पर पता लगा की उनको देखने के लिए पार्टी के नेता और परिवार वाले रांची जा सकते हैं।