बिहार में मौजूद होमगॉर्ड पर निर्भर आश्रितों को मिलेगी अनुकंपा पर नौकरी, कैबिनेट ने दी मंजूरी

Home guard policy in bihar

Home guard policy in bihar

डेस्क : बिहार में कैबिनेट विस्तार के चलते नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार किया जा चुका है। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार के तहत 6 अजेंडों पर स्वीकृति मिली है। जिसमें होमगार्ड जवानों को नौकरी देने हेतु विषय पर गंभीरता व्यक्त की है। अगर कोई भी जवान ड्यूटी करने के दौरान दुर्घटना में मृत हो जाता है, तो उसके परिवार को कुछ सामान्य परिस्थितियों में सरकार की ओर से लाभ दिया जाएगा। सबसे पहले लाभ उसकी पत्नी को दिया जाएगा।

उसके बाद में बेटे को और बाद में अन्य लोगों को रखा गया है। इस वक्त बिहार में 50,000 से ज्यादा होमगार्ड कार्य कर रहे हैं, ऐसे में उन नेताओं में भी इस बात पर विचार विमर्श किए जो अभी नए आए हैं। होमगार्ड की नियुक्तियां 2014 की नियमावली के तहत तय की गई थी लेकिन अब इसको 2021 की नियमावली के तहत बदला जाएगा। नई नियमावली में प्रोबेशन पदाधिकारियों के भर्ती का स्रोत, परीक्षा का प्रकार, आरक्षण के तरीके और वरीयता का निर्धारण आसानी से हो जाएगा।

बिहार सरकार की ओर से दलाई लामा ट्रस्ट बनाया गया है जो 99 वर्षों के लिए जमीन दिए जाने का फैसला ले चुकी है। ऐसे में यह ग्लोबल लर्निंग सेंटर बड़े स्तर पर बनाया जा रहा है। इसका नाम नालंदा इंस्टीट्यूट ऑफ दलाई लामा होगा। इसकी जगह 30 एकड़ रहेगी और यह एक ग्लोबल सेंटर के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसी के साथ होटल्स एंड रिजॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, साथ ही बोधगया द्वारा गया-डोभी रोड एवं बोधगया में 3 सितारा होटल की स्थापना की जाएगी। जिसके तहत औद्योगिक निवेश प्रोत्साहित होगा और यह सभी कार्य करने हेतु 30 करोड़ 50 हजार की लागत आएगी। इसकी मंजूरी राज्य सरकार की ओर से मिल चुकी है और यह कार्य पूरा होने से रोजगार भी बढ़ेगा।

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