बिहार के 35000 डॉक्टर कल रहेंगे हड़ताल पर, OPD रहेंगी बंद – जानें वजह

Doctors strike in bihar

Doctors strike in bihar

डेस्क : बिहार में 11 दिसंबर 2020 को सभी डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे। इस हड़ताल का आवाहन आईएमए यानी कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा किया गया है। जिसके तहत सभी डॉक्टर कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करेंगे और इसके अंतर्गत जितने भी ओपीडी हैं, सब बंद रहेंगे। आपको बता दें कि ओपीडी के तहत उन सभी मरीजों को देखा जाता था जिनको आम समस्याएं हैं। लेकिन वह 11 दिसंबर 2020 को बंद रहेंगी साथ ही आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ सच्चिदानंद प्रसाद का कहना है कि इस हड़ताल के लिए सभी डॉक्टर तैयार हो चुके हैं, जिसमें इमरजेंसी सेवा के अलावा कोई और गतिविधि डॉक्टरों द्वारा नहीं की जाएगी। ऐसे में सुबह के 6:00 बजे से लेकर शाम के 6:00 बजे तक इस हड़ताल काआह्वान किया जाएगा।

गौर फ़रमाया जाए तो शनिवार के बाद रविवार आ रहा है जिसके तहत अस्पतालों की छुट्टी रहेगी ऐसे में जो भी मरीज ओपीडी का रुख करना चाहते हैं उनको अब सोमवार को ही ओपीडी में जाने का मौका मिलेगा। डॉक्टरों की ओर से यह मांग आ रही है कि आयुर्वेद के डॉक्टरों से सर्जरी करवाना एक गलत विचार है साथ ही यह मरीजों के हित के खिलाफ है इसके कारण सभी डॉक्टर हड़ताल पर जा रहे हैं और ऐसे में अगर कोई इमरजेंसी आती है तो उस पेशेंट को लेकर ओपीडी में ना जाए क्योंकि ओपीडी बंद रहेंगी आपको बता दें कि बिहार के पीएमसीएच में दिन के दो हजार से ज्यादा मरीज आ जाते हैं ऐसे में यहाँ पर कम से कम 2000 मरीज और ज्यादा से ज्यादा 5000 मरीजों का आना आम बात है।

दानापुर से कई मरीजों को बिना इलाज और दवाइयों के बिना ही अपने घर वापस लौटना पड़ रहा है। ऐसे में मरीज सहदेव ठाकुर नाम के एक पेशेंट की पर्ची तो काट दी लेकिन उनका इलाज नहीं हो पाया। आपको बता दें की 9:30 बजे तक 256 लोगों का पंजीकरण भी किया गया लेकिन डॉक्टरों ने आकर फिर पंजीकरण रूम को बंद कर दिया और अब वह 256 मरीज अस्पतालों के दरवाजों और ओपीडी के कमरों के इर्द-गिर्द भटकते नजर आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वह सिर्फ कोरोना संक्रमित को ही देखेंगे इसके अलावा वह किसी को नहीं देखेंगे क्योंकि यह एक औपचारिक हड़ताल है जिसमें इंडियन मेडिकल एसोसिएशन उनका साथ दे रहा है और साथ ही वह यह तर्क लेकर आए हैं कि जो भी आयुर्वेद से जुड़े डॉक्टर हैं उनको सर्जरी देने का अधिकार गलत है।

आयुर्वेदिक डॉक्टरों का कहना है कि यह हड़ताल जनकल्याण विरोधी है और मेडिकल आयुर्वेद पीजी को सभी तरह की सर्जरी का अनुमति दे देना चाहिए यह फैसला केंद्र सरकार द्वारा लिया गया है जिसके तहत सभी आयुष चिकित्सकों में हर्ष और उल्लास देखने को मिल रहा है साथ ही 11 दिसंबर को यह सभी आयुष चिकित्सक के आयुर्वेदिक डॉक्टर मुफ्त में रोगियों का इलाज करते नजर आ रहे हैं।

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