पहले चरण में पूर्व मुख्य मंत्री जीतन राम मांझी की किस्मत लगी दांव पर

डेस्क : बिहार के पहले चरण में गया की सीटों पर 28 अक्टूबर को मतदान हो चुके हैं। इन 10 सीटों में सबसे ज्यादा सीट राजद की है जिनकी संख्या 4 है। राजद पार्टी के 7 उम्मीदवार खड़े हैं। वहीँ बात करें कांग्रेस की तो वह मात्र 3 सीट पर लड़ रही है। दूसरी तरफ, भाजपा और जदयू ने पिछले चुनाव में तीन-तीन सीटों पर जीत प्राप्त की थी। इस बार भाजपा के खाते की चार जबकि जदयू के खाते की तीन सीटों पर चुनाव लड़ा जा रहा है। एनडीए की सहयोगी हम भी तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

जितनी भी सीटें है उनपर घमासान मचा है। एक के बाद एक तमाम दावे किए जा रहे हैं, परन्तु वोटर खामोश हैं। वैसे कहीं-कहीं जातीय गोलबंदी का असर देखने को मिल रहा है। कहीं आमने-सामने की जोरदार टक्कर दिख रही है। कुल 172 उम्मीदवारों की एक लंबी लिस्ट है। जिले में तीन सीटें पूरी तरह सुरक्षित हैं। इनमें इमामगंज, बोधगया और बाराचट्टी विधानसभा हैं।

इमामगंज में मांझी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।


नक्सल प्रभावित क्षेत्र में प्रचार कार्य बिना हल्ला करे दबे पाँव हो रहा है। उम्मीदवार और उनके समर्थक जैसे ही शाम होती है अपने कार्यालय लौट जाना पसंद करते हैं। यह इस क्षेत्र के जिले की वीआइपी सीट है साथ ही यहां से पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रहे उदयनारायण चौधरी के बीच कांटे मुकाबला है। हालाँकि पिछली बार भी इन दोनों के बीच मुकाबला हुआ था। इस सीट से कुल 10 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे हुए हैं। जैसे ही मतदान समाप्त हुए उसके बाद सभी प्रत्‍याशी खुद आकलन में जुट गए हैं।