बिहार चुनाव के दुसरे चरण में महा मुकाबला कल, इन दिग्गजों की प्रतिष्ठा पर सबकी की नज़र

डेस्क : बिहार में चुनाव के दुसरे चरण के मतदान में मात्र कुछ ही घंटे शेष बचे हैं। इस बार पूरे देश की नजर बिहार की कुछ प्रमुख सीटों पर है, इन सीटों पर अनेको दिग्गज नेता अपनी दावेदारी पेश कर रही हैं। करीब 28 जिलों में वोटिंग होनी है। वही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से चार मंत्रियों की इज्जत दाव पर लगी हुई है जिसमें पटना साहिब से बीते सालों से जीतते आ रहे मधुबनी से राणा रणधीर सिंह, नालंदा से श्रवण कुमार, हथवा से रामसेवक सिंह और नंदकिशोर यादव हैं पर इस बार इनकी किस्मत हिलोरे खा रही है। हमेशा की तरह लालू का परिवार इस बार फिर से चर्चा में आ गया है जहां पर लालू यादव के समधी पर नजर रखी जा रही है जिसमें तेज प्रताप के ससुर चंद्रिका राय प्रसाद जेडीयू के पक्ष में मैदान में उतरे हैं आपको बता दें कि इन दोनों परिवारों के बीच काफी तीखी नोकझोंक के बाद अब मैदान में वह एक दूसरे के खिलाफ बोलते और बयान देते नजर आ रहे हैं जिसमें लालू यादव की बहू ऐश्वर्या राय ने भी लगातार अपने पिता के हित में मत मांगने की चेष्टा जाहिर की है।

इतना ही नहीं लालू यादव के दोनों लाल भी मैदान में उतरे हैं जिसमें उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपनी सीट बदली है और वह अपनी पिछले महुआ की सीट को छोड़कर इस बार हसनपुर पर लड़ रहे हैं ऐसे में अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि यहां से सारा सामाजिक समीकरण राजद के खाते में है परंतु देखने वाली बात यह है कि लोग तेज प्रताप यादव पर कितना भरोसा करते हैं।लालू यादव के दूसरे बेटे तेजस्वी यादव भी पूरा दमखम दिखा रहे हैं वह इस बार राघोपुर से चुनाव लड़ रहे हैं और इस बार उन्होंने एक के बाद एक ताबड़तोड़ रैलियां की है साथ ही उन्होंने यह भी दावा करा है कि जैसे ही वह सरकार में आते हैं तो वह 10 लाख नौकरियां अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में ही दे डालेंगे इसके बाद अन्य सेवाएं भी वह जल्द ही बिहार में चालू करेंगे और बिहार को एक नया बिहार बनाने की कोशिश करेंगे।

हसनपुर : राजद सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे एवं पूर्व मंत्री रहे तेज प्रताप यादव अपना चुनावी बिगुल समस्तीपुर के प्रचलित जिले हसनपुर से बजा रहे हैं आपको बता दें की उन्होंने 2015 में महुआ से चुनाव जीता था। परंतु इस बार उन्होंने अपनी सीट को बदल लिया है उनके आगे इस बार जीडीयू विधायक राजकुमार राय खड़े हैं और इस इलाके में हमेशा से ही यादवों का बोलबाला रहा है।

बांकीपुर : बांकीपुर विधानसभा सीट भी काफी समय से सुर्खियों में बनी हुई है जो कि पटना शहर में स्थित है यहां से पूर्व सांसद रहे शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा ने कांग्रेस की पार्टी से टिकट लिया है और वह चुनावी दंगल में उतरे हैं आपको बता दें कि यहां से भाजपा विधायक नितिन नवीन के अलावा प्लूरल्स पार्टी की अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी सामने खड़ी है।

चेरिया बरियारपुर : बरियारपुर भी प्रचलित सीटों में से एक मानी जाती है जहां पर नीतीश सरकार में समाज कल्याण मंत्री रह चुकी मंजू वर्मा को जेडीयू से टिकट थमा कर उतारा है। ऐसे में उनके आगे महागठबंधन से राजद उम्मीदवार राजवंशी महतो खड़े हैं बात करें अन्य पार्टी की तो इसमें हमें लोजपा देखने को मिल रही है जिसकी प्रत्याशी राखी देवी है।

शिवहर : शिवहर की सीट भी चर्चा में तब आई जब लोगों को पता चला कि यहां से जेल में बंद हुए बाहुबली आनंद मोहन के पुत्र चेतन आनंद राजद की ओर से चुनावी मैदान में उतारा है। यहां पर उनका मुकाबला जेडीयू के विधायक मोहम्मद शरफुद्दीन से है। साथ ही लोजपा के प्रत्याशी भी पीछे नहीं है लोजपा की तरफ से विजय कुमार पांडे मैदान में उतरे हैं और यहां पर मुकाबला त्रिकोणीय होने वाला है।

राघोपुर : राघोपुर की सीट वैशाली जिले में पड़ती है जहां पर राजद नेता तेजस्वी यादव एक और बार मैदान में उतरे हुए हैं आपको बता दें कि वह पहले भी इस जगह से चुनावी दांव खेल चुके हैं। तेजस्वी यादव इस सीट से मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में उतरे हैं और इस सीट पर इस बार पूरे भारत की नजर है भाजपा की ओर से सतीश कुमार उतरे हैं जिन्होंने 2010 में पूर्व प्रधानमंत्री रही राबड़ी देवी को हरा दिया था और तीसरी तरफ से राकेश रोशन ने जंग में कूद कर मुकाबले को त्रिकोणीय रूप दे दिया है।

मटिहानी : सबसे रोचक मुकाबला जिले के मटिहानी विधानसभा क्षेत्र में नजर आ रहा है। जहां एनडीए और लोजपा आमने-सामने आ गई है। यहां मुख्य मुकाबले में तीन बार से चुनाव जीतने वाले नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह तो हैं ही उनका लोजपा के राजकुमार सिंह से मुकाबला नजर आ रहा है। महागठबंधन के घटक सीपीएम के उम्मीदवार राजेन्द्र प्रसाद सिंह इसे त्रिकोणीय बनाने में एड़ी चोटी एक किए हैं। लोजपा को विधायक विरोधी अन्य दलों कै कार्यकर्ता का समर्थन मिलने से उनकी स्थिति मजबूत बनती जा रही है। यूं एनडीए प्रत्याशी यहां से अजेय माने जाते रहे हैं।

मटिहानी क्षेत्र में शाम्हो दियारा, गंगा कछार के गांवों और पूर्वी भाग में बोगो सिंह और राजकुमार सिंह दोनों का सघन प्रचार अभियान चल रहा है। इस क्षेत्र के चकबार भूमिहार सूरमाओं का झुकाव भी राजकुमार सिंह की तरफ हे। जिनकी इस क्षैत्र में बहुतायत आबादी है। कसहा दियारा की समस्या, रामदीरी गांव पर उनकी टिप्पणी और तीन टर्म से लगातार विधायक चुने जा रहे बोगो बाबू के प्रति एंटी इनकंबैंसी का माहौल भी उनके विपरीत बन रहा है।। यूं अपनी छवि और विधायक रहते सब दिन जनता के बीच काम करने वाले और लगातार क्षेत्र से जुड़े रहने का लाभ उन्हें मिलता नजर आ रहा है। सीपीआई, सीपीएम, भाकपा माले,कांग्रेस और राजद का वोट समेटने में लगे सीपीएम के राजेन्द्र प्रसाद सिंह मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में जोर-शोर से लगे हैं। देखना है चुनावी चक्रव्यूह को कौन तोड़ सफल होता है।

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