जब शिक्षक नेता प्रमोद राय ने बेगूसराय में रोका था सीएम नीतीश का काफिला

Pramod Rai

न्यूज डेस्क : बेगूसराय के शिक्षक नेता प्रमोद राय के असामयिक निधन की खबर से शिक्षक समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी वे पिछले एक सप्ताह से बीमार चल रहे थे। तथा इलाज के दौरान चिकित्सक ने कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव बताया था।

हालांकि परिजनों के द्वारा इलाज के लिए पटना ले जाया गया। परंतु इलाज के क्रम में मंगलवार की सुबह उनकी मौत हो गई। इस मनहूस खबर जैसे ही बेगूसराय पहुंची। शिक्षक समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई। तथा शिक्षकों ने अपने अपने विद्यालय में शोक सभा कर दिवंगत शिक्षक नेता को श्रद्धांंजली अर्पित किया।

आंदोलन कारी स्वभाव के शिक्षक नेता थे प्रमोद जिले के नियोजित शिक्षक प्रमोद राय के असामयिक निधन की खबर से शिक्षक समुदाय काफी मर्माहत और निःशब्द है। उक्त शिक्षक जाबांज , क्रांतिकारी और निडर व्यक्ति थे। वो नियोजित शिक्षकों के लिए जीवनभर संघर्षरत रहे। जिले के नियोजित शिक्षकों के अनगिनत समस्या अपने जीवनकाल मे समाधान किए।

अपने जीवनकाल मे संघर्ष के दरम्यान 27 सितंबर 2012 को बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के रथ को बेगूसराय मे जाबांज शिक्षक प्रमोद राय ने रोका था और मुख्यमंत्री नीतिश कुमार से सर्किट हाउस मे 17 मिनट की वार्ता भी हुई थी। इस संघर्ष मे FIR भी उनपर दर्ज हुआ था। उनके असामयिक निधन से शिक्षकों को बहुत ही गहरा सदमा लगा है। उनके निधन से शिक्षक समाज को अपूर्णीय क्षति हुआ है। वे इस दुनिया को छोड़कर चले गए लेकिन उनकी कृति अमर रहेगी।

You may have missed

You cannot copy content of this page