बेगूसराय में नल से जल हो रहा बर्बाद , कई क्षेत्रों में नहीं पहुंचा है नल का जल

Nal Jal Yojana

न्यूज डेस्क , बेगूसराय : जल नल योजना की हकीकत ने सरकारी दावा का पोल खोल रख दिया है । जिले में मुख्यमंत्री हर घर नल जल योजना के तहत हर घर को नल का जल तो अबतक नहीं मिला । अलबत्ता जल संरक्षण का राग अलापने वाली एवं जल जीवन हरियाली अभियान जैसे महत्वपूर्ण योजना को लागू करने वाली सरकार में विभाग के अधिकारियों की मनमानी के कारण नल का जल जहां तहां बर्बाद होते दिखता रहता है।

जिले में सैकड़ों गांव ऐसे हैं जहां कार्य एजेंसी की धीमी चाल से कहीं पाइप बिछाने के लिए गड्ढा खुला रहने के कारण लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही है. वहीं जहां जिस वार्ड एवं पंचायत में नल का जल पहुंच गया है. वहां पानी आने का सही टाइम टेबल नहीं बन सका है. जबकि सप्ताह में दो से तीन दिन लोगों को जल मिलता है. फिर ऐसा गायब होता है जैसे गधा के सर से सींघ, पानी के इंतजार में लोग नल की टोटी पर टकटकी लगाए रहते हैं. इसके साथ ही कहीं पाइप लीकेज तो कहीं सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए नल की टोटी टूटने के बाद पानी की बर्बादी होते रहती है. तथा विभागीय कर्मी इस ओर से अंजान मस्त चाल में रहते हैं.

शिकायत के बाद भी नहीं सुनते विभागीय लोग ग्रामीणों की शिकायत पर भी उसकी सुधी लेने में सप्ताह बीत जाते हैं. जानकारी अनुसार चेरियाबरियारपुर प्रखण्ड क्षेत्र के कुंभी पंचायत के कुल 14 वार्ड में मात्र चार वार्डों में ही पानी की सप्लाई प्रारंभ हो सकी है. जबकि अन्य वार्ड के लोगों को नल का जल पीने के लिए कितना इंतजार करना पड़ेगा ये कहना मुश्किल है.

उक्त गांव निवासी समाजिक कार्यकर्ता अरविंद कुमार यादव, संतोष पासवान आदि ने बताया वार्ड 04 एवं वार्ड 06 में गड्ढा भी खुला है जिससे लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ती है. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार कार्य एजेंसी संभवतः गुजरात की है. उसके कर्मी से लोगों का दर्शन दुर्लभ है. ऐसे में विभाग को संज्ञान लेकर काम में तेजी लाने के साथ उसके रख-रखाव की समुचित व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में सार्थक पहल करनी चाहिए. इस संबंध में विभाग के अधिकारियों से सम्पर्क साधने की कोशिश की गई. परंतु उन्होंने कॉल रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा.

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