खुली आंखों से सूर्य ग्रहण देखना हो सकता है नुकसानदायक, भूलकर भी ना करें ऐसी गलती

डेस्क : आज देश के कई शहरों में सूर्यग्रहण का अद्भुत नजारा देखने को मिला।लेकिन क्या आपको पता है कि सूर्यग्रहण को कभी भी नग्न आंखों से नहीं देखना चाहिए?यह आपकी आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सूर्यग्रहण को सीधे नग्न आंखों से नहीं दिखना चाहिए इसे देखने के लिए खास उपकरणों का प्रयोग करना चाहिए, क्योंकि नग्न आंखों से देखने से सूर्य की हानिकारक किरणों आपकी आंखों को काफी नुकसान पहुंचा सकती है इसलिए ग्रहण को हमेशा चश्मा पहन कर देखना चाहिए।

नेत्र रोग विशेषज्ञ का कहना है कि 21 जून का सूर्य ग्रहण शक्तिशाली ग्रहण है. इसलिए इस खुली आंखों से नहीं देखना चाहिए. सूर्य ग्रहण चाहे कैसा भी हो आंशिक या पूर्ण उसे खुली या नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए.ऐसा करने से आंखों को नुकसान पहुंच सकता है. उन्होंने कहा कि डायरेक्ट सूरज को देखने से आंखों में मौजूद लेंस सूरज की रोशनी को रेटिना पर फोकस करता है. ये रोशनी इतनी ताकतवर होती है की रेटिना को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. सूर्यग्रहण का सबसे ज्यादा असर आंखों पर पड़ता है. ग्रहण के समय पर खुली आंखों या फिर मोबाइल कैमरा से लेकर किसी भी प्रकार के कैमरा और टेलीस्कोप से इसे नहीं देखना चाहिए. 

इसे सीधे तौर पर देखने से आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है. उन्होंने कहा कि सूर्यग्रहण के दिन सूर्य को खुली आंखों से न देखें. इसके आलावा सूर्यग्रहण को एक्स.रे फिल्म या साधारण चश्मे से भी न देखें. पेंट किये शीशे से भी ग्रहण को देखना सुरक्षित नहीं है. सूरज की तेज धूप और उसमें से निकलने वाली अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से आंखों का बचाव भी बेहद जरूरी है.  सूरज की अल्ट्रा वॉयलेट किरणें हमारी आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. सूर्यग्रहण के वक्त बच्चों को घर से बाहर न जाने दे बडें लोगों को जरूरत हो तब ही घर से बाहर निकले. मैक्युला आंख का लिए बुहत संवेदनशील अंग है. सूर्यग्रहण देखने से मैक्युलर बर्न हो सकता है. आंखों कि रोशनी प्रभावित हो सकता है.

सूर्यग्रहण के दौरान क्या करें और क्या ना करें शास्त्रों में भी ऐसा माना जाता है कि सूर्यग्रहण के दौरान नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव अधिक होता है इसलिए इसमें भगवान का ध्यान है जितना हो सके उतना करें। सूर्यग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए क्योंकि गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है साथ ही बच्चे को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रभावित ही कर सकता है। सूर्यग्रहण के दौरान खाना भी नहीं बनाना चाहिए और ना ही खाना चाहिए। हिंदू धर्म के अनुसार ग्रहण के दौरान नुकीली चीजों का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। क्या है मान्यता मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के बाद अपने घरों को पानी से धो देना चाहिए और ग्रहण के बाद मन की शुद्धि के लिए दान पुन अवश्य करना चाहिए।

सूर्यग्रहण के दौरान अपनाएं यह खास बातें सूर्य ग्रहण को कभी भी नग्न आंखों से नहीं देखे आप को नुकसान पहुंचा सकता है. अगर आप को सूर्यग्रहण देखना है तो सोलर फिल्टर चश्मा का इस्तेमाल करें। अगर चश्मा नहीं है तो सूर्यग्रहण को ना देखें क्योंकि सूर्यग्रहण के दौरान सूरज को पिनहोल टेलीस्कोप या फिर दूरबीन से भी ना देखें। कई ग्रहों की वक्री स्थिति सूर्य ग्रहण को बहुत ही अधिक प्रभावशाली बनाएगी। ज्योतिष की माने तो ग्रहण प्राकृतिक आपदाओं का कारक बन सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य ग्रहण एक समय एक साथ छ ग्रह वक्री यानी उल्टी चाल चल रहे होंगे। बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु व केतु वक्री रहेंगे।

500 साल बाद बना है संयोग आज का सूर्यग्रहण समय ग्रह और नक्षत्रों का ऐसा सहयोग करीब 500 साल बाद बना है। इस ग्रहण के दौरान जितना हो सके भगवान को याद करें क्योंकि ऐसा संयोग बनना बार-बार मुमकिन नहीं होता।