बेगूसराय में FCI गोदाम से कालाबाजारी होने जा रहे सैकड़ों बोरा अनाज को पकड़ ग्रामीणों ने किया पुलिस के हवाले

FCI GODOWN

न्यूज डेस्क : एफसीआई कर्मियों एवं कालाबाजारिओं की मिलीभगत से रात के अंधेरे में छौड़ाही एफसीआई ( FCI ) गोदाम से चोरी चुपके तीन वाहन पर भरकर ले जा रहे कालाबाजारी के अनाज को ग्रामीणों ने पकड़ कर छौड़ाही पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस एवं कालाबाजारिओं की मिलीभगत से मामला शनिवार दोपहर तक दबाए रखा गया।

जिसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने काफी हंगामा किया जिस कारण मामला सार्वजनिक हो गया। इस संदर्भ में मिली जानकारी के अनुसार शनिवार रात 8:00 बजे एफसीआई गोदाम से दो ट्रक एवं एक ट्रैक्टर में भर कर अनाज छौड़ाही प्रखंड कार्यालय के सामने से ले जाते देख ग्रामीणों ने प्रखंड कार्यालय पर ही तीनों वाहन को रोक दिया। ग्रामीणों का कहना था कि आज सरकारी छुट्टी है। नियम का उल्लंघन कर शाम के बाद किस परिस्थिति में अनाज एफसीआई गोदाम से निकाला गया है।जिसका वाहन चालक कोई जवाब नहीं दे सका। ग्रामीणों ने जब कागजात की जांच की तो वाहन का कागजात भी फर्जी निकला। जिससे अनाज कालाबाजारी में बेचे जाने की ग्रामीणों की बात पुष्ट हो गई ।

इसके बाद एफसीआई के हेड क्लर्क संतोष कुमार ग्रामीणों को समझाने लगे कि जीपीएस काम नहीं कर रहा इसलिए लेट से अनाज लोड हो सका। आज दो ट्रक अनाज खोदावंदपुर एवं एक ट्रैक्टर अनाज छौड़ाही के डीलर के यहां जाना था। रात के अंधेरे में किस डीलर के यहां आनाज जाना था इसका जवाब ग्रामीणों को एफसीआई कर्मी नहीं दे पाए। नाहीं वाहन का कागजात प्रस्तुत करवा पाए । जबकि एफसीआई से अनाज लाने ले जाने वाले वाहन का लिस्ट कागजात एवं जीपीएस ट्रैक एफसीआई के पास उपलब्ध रहता है। ग्रामीणों ने तीनों अनाज लदे वाहन को छौड़ाही ओपी अध्यक्ष के हवाले कर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि रात से शनिवार 4:00 बजे तक कालाबाजारी पुलिस पदाधिकारी एवं एमओ मामले को रफा दफा करना चाह रहे थे। तब ग्रामीण ने आवेदन देकर कारवाई की मांग की है।

क्या कहते हैं एमओ इस संदर्भ में एम ओ प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी का कहना है कि ग्रामीणों द्वारा पकड़ा गया अनाज डीलर के यहां जा रहा था। प्रतिवेदन छौड़़ाही पुलिस को दिया जा रहा है।

क्या कहते हैं ओपी अध्यक्ष ओपी अध्यक्ष राघवेंद्र कुमार ने बताया कि ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा तीन वाहन पर भड़े अनाज को सुपुर्द किया गया है। एम ओ से जांच प्रतिवेदन मिलने पर आगे की कारवाई कि जाएगी।

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