बेगूसराय पर मंडराया बाढ़ का खतरा : नदी की जलस्तर में वृद्धि जारी, डीएम पहुंचे तटबंध का मुआयना करने

Dm Begusarai

न्यूज डेस्क : इस वक्त की एक बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है। बेगूसराय के डीएम बूढ़ी गंडक नदी के तटबन्ध का मुआयना कर रहे हैं। विगत दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण जिले के नदियों की जलस्तर में हो रही वृद्धि की रफ्तार तेज हो गयी है। बूढ़ी गंडक नदी और गंगा नदी में तूफानी रफ्तार से जल स्तर में वृद्धि देखी जा रही है।

बेगूसराय जिले में बूढ़ी गंडक नदी में भारी मात्रा में हुए जलस्तर में वृद्धि से जुलाई और अगस्त माह में तटबंध पर पिछले साल दर्जनों जगह पर क्रिटिकल सिचुएशन बन गया था । जिसके बाद लगातार 10 दिनों तक फ्लड फाइटिंग कर बेगूसराय जिले पर मंडरा रहे बाढ़ की खतरा को बाढ़ नियंत्रण विभाग ने टाल दिया था । इस वर्ष समय रहते ही उन सभी जगहों पर बाढ़ विभाग को तटबन्ध की सुरक्षा के निर्देश राज्य सरकार के द्वारा दिए गए थे । बताते चलें कि जिला प्रशासन के द्वारा बाढ़ से बचाव को लेकर विभागीय निर्देश लगातार जारी करने के बावजूद भी समय रहते सभी जगहों पर कार्य पूरा नहीं हो पाया है। गुरुवार को जिलाधिकारी खुद तटबंध का मुआयना करने के लिए निकले ।

उन्होंने खोदाबंदपुर और चेरिया बरियारपुर प्रखंड में बूढ़ी गंडक नदी के बाएं तटबंध पर कई जगहों पर मुआयना किया । उन्होंने कहा कि आगामी संभावित बाढ़ से बचाव हेतु समीक्षात्मक दौर में तटबंध का भौतिक निरीक्षण किया गया है। इस मौके पर मंझौल अनुमंडल अधिकारी इंजीनियर मुकेश कुमार, डीएसपी सत्येंद्र प्रसाद सिंह , बीडीओ, सीओ सहित बाढ़ विभाग के अभियंताओं की टीम मौजूद रहे ।

जिले में आगामी संभावित बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा के क्रम में आज चेरियाबरियारपुर तथा खोदावंदपुर प्रखंड अंतर्गत बूढ़ी गंडक नदी के तटबंध का डीएम ने भौतिक निरीक्षण किया। इस क्रम में उन्होंने विगत कुछ दिनों से हो रही वर्षा के कारण तटबंध पर बने रेनकट्स तथा उससे उत्पन्न छोटे-बड़े दरारों का जायजा लेने के साथ कटावरोधी कार्यों का भी जायजा लिया। जिला पदाधिकारी ने तटबंध के निरीक्षण के उपरांत संबंधित बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अभियंताओं को तटबंधों में बने रैनकट्स, दरार अथवा मिट्टी धंस जाने के कारण तटबंध की मजबूती एवं सुरक्षा के लिए उत्पन्न चुनौतियों से निबटने हेतु अविलंब तटबंध के मरम्मती संबंधी कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने गुणवत्तापूर्ण मरम्मती के साथ ही तटबंध के कमजोर प्वाइंट्स को भी चिन्हित करते हुए उसके सुरक्षोपाय हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।

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