सुपर एक्ससीलुसिव : बेगूसराय में बीते 11 साल में हुई है दो मुठभेड़ , पढ़ें इनसाइड स्टोरी

क्राइम/डेस्क : उत्तरप्रदेश के कानपुर में आधे दर्जन से ज्यादा पुलिस अधिकारी और पुलिसकर्मी के हत्या के आरोपी विकास दुबे को यूपी एसटीएफ ने शुक्रवार की सुबह कानपुर में इंकॉउंटर में मार गिराया। ये खबर नेशनल ट्रेंडिंग में है। लेकिन इन सभी ख़बरों के बीच आपके लिए द बेगूसराय ने एक ऐसी खबर लायी है जो इस वक्त की एक्ससीलुसिव खबर है। आपके लिए बेगूसराय में 21 वीं सदी के बीते हुए समय में दो इंकॉउंटर की कहानी लेकर आये हैं। 12 जनवरी 2019 और 8 अप्रैल 2009 में हुई इंकॉउंटर की खबर कहीं आप भूल तो नहीं गए हैं।

18 महीने पहले चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र में तीन अपराधियों का हुआ था इंकॉउंटर 12 जनवरी 2019 शनिवार को पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में तीन कुख्यात मार गिराए गए थे। मुठभेड़ चेरियाबरियारपुर थाना की मेहदा शाहपुर पंचायत के कौआ पोखर के बगीचे के पास मुसहरी बहियार में हुई थी । मुठभेड़ इतना खरतनाक था कि इस दौरान दोनों ओर से लगभग 100 राउंड फायरिंग की गई थी । जिसके बाद मारे गए बदमाशों से पुलिस ने एक कारबाइन, दो अत्याधुनिक पिस्टल और भारी संख्या में गोलियां बरामद की थी। और धबौली निवासी धर्मा यादव,नगर थाना बेगूसराय के पुलिस पर हमला करने का आरोपी सर्वोदय नगर निवासी सुमंता और बेगूसराय निवासी बलिराम सहनी नामक तीनों कुख्यात का अंत हुआ था।

वर्तमान एसपी अवकाश कुमार और तत्कालीन एएसपी अभियान अमृतेश कुमार कर रहे थे टीम का नेतृत्व 12 जनवरी 2019 की शाम सूत्रों के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि चार अपराधी किसी घटना को अंजाम देने की साजिश के लिए जुटे हैं। इसके बाद एसपी अवकाश कुमार के निर्देश पर एएसपी अभियान अमृतेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस छापेमारी करने मुसहरी पहुंची थी। जिसके बाद पुलिस से घिरते देख अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलानी शुरू कर दी थी, जबाबी कार्रवाई में पुलिस ने अपराधियों को घेरना शुरू किया था और तभी वर्तमान एसपी अवकाश कुमार भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए थे, तकरीबन 25-30 जवानों के साथ पूरे इलाके की घेराबंदी की, जिसके बाद 100 राउंड से अधिक गोलियां चलने के बाद तीनों अपराधियों को बेगूसराय पुलिस ने ढेर कर दिया था। मुठभेड़ के बाद एसपी अवकाश कुमार ने बताया था कि नगर के अपराधी सुमंता के यहां होने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम गठित कर छापेमारी की गई। इस दौरान अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। बचाव में पुलिस की तरफ से गोलीबारी की गई।

बेगूसराय के चेरिया बरियारपुर में इस मुठभेड़ से 10 साल पहले भी हुई थी मुठभेड़ जिले में 12 जनवरी 2019 से पहले 08 अप्रैल 2009 को मुठभेड़ हुई थी। खोदावंदपुर थानाध्यक्ष आरपी वर्मा पर गोली चलाने के बाद कुख्यात बदमाश शम्भू सिंह व उसके साथी सुरेश महतो को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। इस घटना में नावकोठी थाना क्षेत्र के पहसारा गांव निवासी कुख्यात बबलू सिंह को गिरफ्तार किया गया था। तत्कालीन एसपी पी कन्न ने खुद मुठभेड़ में मोर्चा संभाला था। थानाध्यक्ष आरपी वर्मा जब लखनपट्टी व रामपुर कचहरी गांव में बदमाशों को पकड़ने के लिए छापेमारी करने गए थे। इसी दौरान मक्का व गेहूं के खेत में छिपे बदमाशों ने उनपर फायरिंग शुरू कर दी थी। थानाध्यक्ष गम्भीर रूप से घायल हो गए थे। मुठभेड़ में क्षेत्र का कुख्यात बदमाश रामपुर कचहरी गांव के राम विलास सिंह का पुत्र शम्भू सिंह तथा छौड़ाही गांव के राम शोभित महतो का पुत्र सुरेश महतो मारा गया था।