बेगूसराय : घर के चारों तरफ पानी ही पानी पर नहीं रुकेगी पढ़ाई, नाव पर बैग और साइकिल लेकर कॉलेज पहुंचती है छात्रा

न्यूज डेस्क : कहा गया है कि कुछ कर गुजरने की हो तमन्ना तो मुसीबतों का पहाड़ भी बौना साबित हो जाता है। इस वाक्य को चरितार्थ कर दिखाइ है बेगूसराय की एक बेटी ने । जब बाढ़ के बीच उसका घर और गांव गिरा हुआ है, फिर भी वह लगातार कॉलेज क्लास करने के लिए पहुंच रही है। बताते चलें कि बेगूसराय के आधा दर्जन प्रखंड अभी बाढ़ से प्रभावित है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित प्रखंड क्षेत्र के गांव में जनजीवन अस्त व्यस्त हो चुका है। लोगों को घर से निकलने में काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही है। नाव का सहारा है आबादी अधिक है संसाधन कम है जिस कारण कई दफे लोगों को घंटो घंटो तक नाव का इंतजार करना पड़ता है।

इस परिस्थिति में भी महाविद्यालय जाना नहीं छोड़ने वाली एक बेगूसराय की बेटी ने अन्य बेटियों के लिए मिसाल पेश किया है। श्री कृष्ण महिला कॉलेज में स्नातक पार्ट 2 में पढ़ने वाली रचियाही वार्ड 5 की निवासी प्रियंका कुमारी साइकिल लेकर नाव पर बैठती है। फिर पानी से निकलकर गुप्ता बांध होते हुए वह अपने कॉलेज पहुंचती है। बेगूसराय की टीम जब बाढ़ की न्यूज़ कवर करने के लिए ग्राउंड जीरो पर मौजूद थी तो, इस बीच नाव पर बैठे हमारे संवाददाता की नजर एक साइकिल और बैग टांगे नाव के बीच में बैठी हुई छात्रा पर पड़ी। जब उससे पूछा कि आप कहां पढ़ते हैं किस क्लास में पढ़ते हैं आप खतरों से खेल कर क्यों पढ़ाई करते हैं। तो उसने कहा कि बाढ़ तो नियति है। अभी पानी एक-दो दिन में तो खत्म होगा नहीं। अब पढ़ाई अगर 10 दिन तक बंद हो जाए तो फिर निरन्तरता जो होता है वह टूट जाएगा और जब नाव की सुविधा है तो थोड़ा कष्ट ही सही उठा कर पढ़ाई तो कंटीन्यू रखना ही पड़ेगा।

यह बात सुनकर नाम पर बैठे हुए बैठे हुए तमाम लोग छात्रा की तरफ एक देखने लगे । इतने में छात्रा का घर पहुंच गया और वह साइकल और बैक के साथ अपने घर पर सुरक्षित उतर गई। वह समाज के अन्य छात्राओं के लिए एक मिसाल पेश कर गयी । बाधाएं आती है जाती है लेकिन बाधा के बीच जिन जिसने भी अपना काम निरंतर जारी रखा इतिहास उसी को याद रखती है ।

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