बेगूसराय में सुधा डेयरी के द्वारा मार्केट में ओरिनजल फूड के नाम पर बेचा जाता है एक्सपायरी सामान, विरोध में NGO ने दिया धरना

न्यूज डेस्क , बेगूसराय : 13 दिसम्बर देश में छिड़े किसान आंदोलन के बीच पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य दिलाने और डेयरी द्वारा एक्सपायर फूड प्रोडक्ट बेचने के विरोध में रविवार से बेगूसराय में आंदोलन की शुरुआत हो गई है। करीब एक महीने से सुधा प्रोडक्ट की खराबी, दूध का उचित मूल्य भुगतान के साथ डेयरी के अंदर काम कर रहे मजदूरों के शोषण की लड़ाई लड़ रहे सामाजिक संगठन सूर्यकला रामजी फाउंडेशन के बैनर तले बड़ी संख्या मेंं लोगों ने रविवार को कॉम्फेड के बरौनी डेयरी के समक्ष धरना प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन का नेतृत्वव कर रहे फाउंडेशन के सचिव शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि बरौनी डेयरी द्वारा अपने विपणन क्षेत्र में एक्सपायर्ड फूड प्रोडक्ट बेचेे जा रहेे हैं। डेयरी अपने खाद्य सामग्री को लेकर लापरवाह है। सप्लायर और डेयरी प्रबंधन की मिली भगत से उपभोक्ताओं के लिए एक्सपायर्ड एवं कीड़ा लगा दही, पनीर, मिठाई, घी आदि बेचा जा रहा है। प्रबंधन एवं सप्लायर की मिलीभगत से एक्सपायर फूड सामग्री पर फिर से डेट री-प्रिंट कर बेचा जा रहा है। जिससे फूड प्वाइजनिंग का खतरा हो सकता है।

डेयरी आम उपभोक्ताओं के साथ अपने दूध किसानों और डेयरी में काम कर रहे मजदूरों के साथ विश्वासघात कर रही है। किसानों से 25 से 27 रुपये लीटर दूध लेकर उसका 20 प्रतिशत क्रीम निकालने के बाद 43 रुपया लीटर दूध बेचा जा रहा है। इस मामले को लेकर डीएम, सांसद, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री एवं डेयरी के तमाम वरीय अधिकारी को शिकायत पत्र भेजा गया। लेकिन शासन-प्रशासन मौन धारण किए हुए है। डेयरी के द्वारा संस्था को डोनेशन के नाम पर पैसों का प्रलोभन और धमकी भी दिया गया।

हर दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब कोई नतीजा नहीं निकला तो सड़क पर बैठकर विरोध जता रहे हैं। सुधा डेयरी द्वारा फूड प्रोडक्ट की क्वालिटी में सुधार, सप्लायर को बदलने, किसानोंं को दूध का उचित मूल्य देने तथा कार्यरत मजदूरों का शोषण बंद कर उनकी मांग पर पुनर्विचार करने को लेकर यह धरना दिया गया है। मांग पूरी नहींं होने पर फिर से धरना-प्रदर्शन और अनशन किया जाएगा।