बेगूसराय में करोड़ों का घोटाला , मनरेगा योजना के तहत पशु शेड निर्माण में हुई फर्जी निकासी

Ghotala

न्यूज डेस्क , बेगूसराय : बेगूसराय जिला में पशु पालकों के लिए मनरेगा योजना के तहत बन रहे पशु शेड निर्माण में करोड़ों का घोटाला हो गया है। पशु शेड का निर्माण कराये बगैर आपूर्तिकर्ता, बिचौलिया और कार्यक्रम पदाधिकारी के तालमेल से राशि निकासी कर ली गई है। इस संबंध में कई सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ितों ने केंद्रीय पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन मंत्री गिरिराज सिंह को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।

कई मामला सामने आने के बाद इसकी गंभीरता को देखते हुए सांसद प्रतिनिधि अमरेन्द्र कुमार अमर ने जिलाधिकारी से मिलकर जांच की मांग किया है। दिए गए आवेदन तथा साक्ष्य के आधार पर डीएम ने डीडीसी को मामले की जांच का निर्देश दिया है। सांसद प्रतिनिधि अमरेंद्र कुमार अमर ने बताया कि पशुपालकों के हित में केंद्र सरकार एवं बिहार सरकार द्वारा मनरेगा योजना से बड़े पैमाने पर पशु शेड का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन अधिकारियों, आपूर्तिकर्ता एवं बिचौलिया ने मिलकर बेगूसराय में करोड़ों का घोटाला किया गया है। उन्होंने बताया कि बगैर निर्माण किए ही भुगतान किया गया, निकासी की गई है।

पिढ़ौली निवासी रमेन्द्र कुमार के नाम पर पशु शेड निर्माण के लिए सामग्री मध्यम में एक लाख पांच हजार 977, मजदूरी मद में 12804 एवं स्कील मद में 9793 रुपया की निकासी की गई है। विमला देवी के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ पशु शेड का भुगतान किया गया है। इस संबंध में 50 से अधिक ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें कि बगैर निर्माण किए ही भुगतान किया गया है। अमरेन्द्र अमर ने बताया कि जिन लोगों ने अपने निजी जमीन पर पशु शेड निर्माण के लिए आवेदन दिया था। उस आवेदन के आलोक में अधिकारी द्वारा कहा गया कि आप निर्माण करें, एजेंसी सभी चीजें उपलब्ध कराएगी।

लेकिन उनके खाते में मजदूरी की भी राशि नहीं दी गई और ना ही एजेंसी ने कोई सामान उपलब्ध कराया। इस संबंध में लोगों ने रोजगार सेवक एवं कार्यालय में पूछताछ किया तो पता चला कि कागज पर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, पैसे की निकासी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अगर मामले का गहनता पूर्वक भौतिक सत्यापन हो तो इस योजना के तहत जिले में करोड़ों के घोटाले का पर्दाफाश हो सकता है।

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