मिट्टी की सड़क पर चलने को विवश हैं गोरगामा पंचायत के लोग,सरकार के दावा हुआ फेल

डेस्क : बिहार में सड़क की स्थिति से तो हर कोई वाकिफ है।सरकार दावा तो करती है कि उसने हर गांव में पक्की सड़क बनवाई है। लेकिन जमीनी स्तर पर यह बातें गलत साबित हो जाती है। बेगूसराय के मटिहानी विधानसभा क्षेत्र की बदतर हालत सरकार के दावों को गलत साबित कर रही है। गोरगामा पंचायत के अंतर्गत खड़गपुर गांव की मिट्टी की सड़क सरकार के तमाम दावों की पोल खोलती दिख रही है। हल्की बारिश में भी इस सड़क पर ग्रामीणों का मुश्किल हो गया है।

बता दें कि इस गांव से बेगूसराय शहर की दूरी मात्र 13 किलोमीटर है। और मात्र एक यही मुख्य कच्ची सड़क है जो खड़गपुर गांव को बेगूसराय शहर से जोड़ती है। करीब 3000 जनसंख्या वाले इस गांव के लोग इसी विवशता के साथ रहने को मजबूर हैं। ग्रामीण भी अपने स्तर से काफी प्रयास कर रहे हैं। लेकिन इनके हाथ सिवाय निराशा के कुछ नहीं लगा। ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह से भी मदद की काफी फरियाद की है। लेकिन जदयू विधायक बोगो सिंह इसमें काफी नाकाम साबित हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विधायक बोगो सिंह रोज आते हैं और बस खानापूर्ति करके चले जाते हैं। विदित हो कि बोगो सिंह करीब 15 साल से मटिहानी के विधायक हैं। लेकिन इतने सालों में भी वो ग्रामीणों के लिए पक्की सड़क बनाने में नाकाम रहे हैं।