Friday, July 12, 2024
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तेघड़ा : बुद्ध पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने गंगा में लगायी आस्था की डुबकी

तेघड़ा ,अशोक कुमार ठाकुर :  वैशाख महीने की पूर्णिमा गंगा प्रेमियों के लिए खास महत्व रखती है। इस दिन शुभ मुहूर्त में गंगा स्नान करने का एक अलग ही महत्व है। बुद्ध पूर्णिमा को लेकर 23 मई गुरुवार की सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ प्रखंड के विभिन्न गंगा घाटों पर अहले सुबह से ही उमड़ी। गंगा स्नान करने के लिए अयोध्या के मिथिला गंगा धाम घाट पर सुबह से ही हो रहे बारिश के बावजूद भी महिलाओं, पुरुषों बुजुर्गों और बच्चों की भीड़ पहुंचने लगी।

श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इसके बाद दान पुण्य किया। सूर्य नारायण बौल्डर घाट , बजलपुरा के महादेव घाट, बिनलपुर अजगर बर घाट, चिमनी घाट, रात गांव के मिश्रा , शिवाला घाट सहित अन्य घाटों पर गंगा स्नान करने वालों की भीड़ ज्यादा देखी गयी। वहीं क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ पूजा अर्चना के लिए देखी गयी। मुंडन संस्कार का शुभ दिन होने की वजह से अयोध्या मिथिला गंगा धाम घाट पर अधिकतर संख्या में बच्चों का मुंडन संस्कार भी करवाया गया।

बुद्ध पूर्णिमा को वैशाख पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन को भगवान गौतम बुद्ध की जयंती और उनके निर्वाण दिवस दोनों के ही तौर पर मनाया जाता है। इसी दिन भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। इस दिन का काफी महत्व है। कहते हैं कि बुद्ध पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और ज्ञान प्राप्ति के अलावा सर्व कार्यों की प्राप्ति होती है। बुद्ध के जीवन दर्शन से हमें प्रेम, शांति, सद्भाव, त्याग, अहिंसा एवं संयम जैसे गुणों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है। उनका जीवन हम सभी के लिए आदर्श है।

मान्यता यह भी है कि वैशाख पूर्णिमा या बुद्ध पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और चंद्र देव की विधि विधान से उपासना की जाती है। जानकारों के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा न केवल बौद्ध धर्म में बल्कि सनातन धर्म में भी बहुत ही आस्था और विश्वास के साथ मनाई जाती है। यह पर्व दोनों धर्म के अनुयायियों के लिए बेहद खास है। कहा जाता है कि गौतम बुद्ध भगवान विष्णु के 9 वें अवतार हें। इन्हीं कारणों से सनातन धर्म के लोगों में भी बुद्ध पूर्णिमा बेहद पवित्र मानी जाती है।