कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा घाटों पर उमड़ा जनसैलाब

Kartik Purinma Ganga Ghat

बेगूसराय, 30 नवम्बर : कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को राजा जनक के पावन यज्ञ भूमि उत्तरवाहिनी गंगा घाट सिमरिया समेत तमाम गंगा घाटों पर बिहार ही नहीं, देेश केे विभिन्न राज्यों और नेपाल के श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जिसकेेे कारण अहले सुबह से ही बरौनी जीरोमाइल से लेकर सिमरिया पुुल तक एनएच-31 पर वाहनों की कतार लगी रही। वहीं, प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण के कारण लगाए गए प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ गई। लोगों ने प्रशासन की एक नहीं सुनी और कुव्यवस्था के बीच ही सही, लेकिन जमकर आस्था की डुबकी लगाई।

पूर्णिमा केे मौके गंगा स्नान कर शारीरिक, मानसिक सुख और मोक्ष की कामना के साथ गंगा स्नान करने के लिए रात से बिहार, बंगाल, आसाम, झारखंड उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के साथ नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुु पहुंच गए थे। जिसकेे कारण रात दो बजे से ही हर हर गंगे के जयकारा के बीच रामघाट से श्मशान घाट तक के सभी घाटों पर शुरू स्नान का सिलसिला लगातार जारी है। इस दौरान पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओंं केे गंगा स्नान करने का अनुमान लगाया जा रहा है। गंगा स्नान के बाद पौराणिक समय से चले आ रहे दान और पूजा की परंपरा के तहत श्रद्धालुओं ने बड़े पैमाने पर सिमरिया धाम के सभी मंदिरों में पूजा-अर्चना तथा गुरु पूजन किया।

इस मौके पर सर्वमंगला सिद्धाश्रम में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही। गंगा स्नान के लिए उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए गए थे। जीरोमाइल से लेकर घाट के सभी चौक चौराहों पर जहां पुलिस बल की व्यवस्था थी, वहीं 20 जगहों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारी के साथ पुलिस बल तैनात किए गए थे। मोटर बोट से अनिल कुमार निषाद समेत तमाम स्थानीय गोताखोर की टीम को तैनात किया गया था। इस मौके पर सर्वमंगला सिद्धाश्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने कहा कि गंगा सदैव से मोक्ष दायिनी रही है और मोक्षदायिनी रहेगी। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान और पूजन से सभी प्रकार के लोभ, मोह, ईर्ष्या और पाप का शमन होता है, लौकिक और पारलौकिक गति की प्राप्ति होती है। उसमें भी आदि कुंभ स्थली सिमरिया धाम गंगा स्नान से कई गुणा अधिक फल प्राप्त होता है।

लेकिन इस बार कोरोना महामारी को लेकर लोगों को सरकारी दिशा-निर्देश का हर हाल में पालन करना चाहिए। ताकि हम सबका परिवार, समाज और देश सुरक्षित रह सके। दूसरी ओर मगध एवं नेपाल से आने वाले हजारों भक्तों ने अपनी भगतई की सिद्धि की। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सिमरिया के अलावे चमथा, झमटिया घाट, राजघाट साहेबपुर कमाल, सिहमा, खोरमपुर, मधुरापुर आदि गंगा घाटों पर भी लाखों श्रद्धालुओं ने स्नान किया। झमटिया घाट पर भारी भीड़ के कारण एनएच पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

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