बिहार में मील का पत्थर साबित होगा मंझौल का बचपन पाठशाला

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न्यूज डेस्क : सुदूर गांव मोहल्लों में विद्यालय की पहुंच से दूर होते जा रहे बच्चों को बुनियादी शिक्षा की ज़रूरत महसूस हो रही है। मूलभूत सुविधाओं से वंचित भूमिहीन और भवनहीन विद्यालयों को बड़े विद्यालयों में शिफ्ट किये जाने की वजह से नौनिहालों के सामने बुनियादी शिक्षा की जरूरत खतरे में पड़ रही है। इस खतरे को भांपते हुए और बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए मंझौल पंचायत 2 के गाडा पोखर पर इलाके के कुछ उत्साही नौजवानों ने एक बेहतरीन पहल की है और इस नई पहल का नाम है बचपन पाठशाला।

मंझौल गांव के आखिरी छोर पर अवस्थित गाडा पोखर के समीप समाज के कमजोर वर्ग के लोगों को निशुल्क शिक्षा देने के लिए बचपन पाठशाला की टीम ने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस बचपन पाठशाला का एक सादे समारोह में बेगूसराय के जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण ने विधिवत फीता काटकर शुभारंभ किया। इस मौके पर बचपन पाठशाला के अध्यक्ष राजेश राज ने स्वागत भाषण करते हुए कहा कि कई हजार किलोमीटर दूर दिल्ली में बैठकर भी गांव और जिले की चिंता सताती रहती है, इसलिए इस पाठशाला की शुरुआत की गई है। राजेश राज ने जयमंगला हाई स्कूल के उत्थान एवं विकास के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी से अनुरोध किया। साथ ही गाड़ा पोखर से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर परिषद मध्य विद्यालय में शिफ्ट किये गए सरकारी विद्यालय को पुनः वापस गाड़ा पोखर पर लाने की मांग की।

समारोह के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण ने कहा कि बचपन पाठशाला एक अनोखी पहल है। सुदूर क्षेत्र में शुरू किया गया ये एक ऐसा भगीरथ प्रयास है , जो आने वाले दिनों में जिले से बाहर भी अपनी चमक बिखेर सकते हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने यह आश्वासन दिया कि शिफ्ट किए गए विद्यालय को पुनः वापस लाया जाएगा और जय मंगला उच्च विद्यालय, मंझौल की खोई गरिमा को फिर से बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। विद्यालय भवन के जर्जर मकान की मरम्मत की जाएगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण ने अपने बचपन के दिनों के संस्मरण को भी सुनाया और कहा कि बचपन पाठशाला ने शिक्षा विभाग का कार्य किया है ।मैं सरकारी स्कूल का छात्र रहा हूं ,उस गुरु के प्रति कृतज्ञ हूं ,जिन्होंने मुझे इस लायक बनाया। शिक्षा पदाधिकारी ने विद्यालय के लिए भूमि प्रदान करने की अपील मुखिया व जनमानस से की, जिससे स्थानतरित प्राथमिक विद्यालय गाड़ा पोखर को पुनः वापस लाया जा सकेगा।

बचपन पाठशाला में बच्चों को सुबह शाम विद्यालय अवधि से अतिरिक्त समय में पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। जिसमें बच्चों को कॉपी, पेंसिल ,किताब और पढ़ाई से संबंधित अन्य वस्तुये मुफ्त में मुहैया कराई जाएंगी। गाड़ा पोखर स्थित जर्जर सामुदायिक भवन को बचपन पाठशाला की टीम ने सबसे पहले मरम्मत करवाई। रंग रोगन के बाद पाठशाला को सुज्जजित किया गया। अब सामुदायिक भवन का कायाकल्प हो चुका है और अपनी बदहाली पर रो रहे सामुदायिक भवन को बचपन पाठशाला के रूप में एक नया जीवन मिला है। उद्घाटन समारोह में लगभग 100 बच्चों को किताब, कलम ,कॉपी, पेंसिल देकर सम्मानित भी किया गया। साथ ही जिला शिक्षा पदाधिकारी बेगूसराय ने बचपन पाठशाला के संयोजक अभिषेक कुमार समेत दर्ज़नो शिक्षकों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम का संचालन बचपन पाठशाला के संरक्षक डॉ राहुल ने किया,जबकि स्वागत भाषण बचपन पाठशाला के अध्यक्ष राजेश राज ने और धन्यवाद ज्ञापन संयोजक अभिषेक ने किया।

समारोह को गुरुकुल भारद्वाज बेगूसराय के डायरेक्टर शिव प्रकाश भारद्वाज, मंझौल पंचायत दो के मुखिया विकेश कुमार ,मंझौल पंचायत 4 के मुखिया राजेश, पूर्व मुखिया कुमार अनिल , समाजसेवी गंगा सदा, दिल्ली में आईटी मैनेजर मनीष कुमार,गणपति भारती, राज तिवारी ,अभिषेक कुमार ने संबोधित किया। मनीष कुमार ने पाठशाला में पढ़ाई के अलावा खेलकूद की गतिविधियों को बढ़ाने की भी अपील की और कहा की खेलकूद से संबंधित संसाधनों को उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।

मौके पर अकिलदेव साहनी,रामबालक साहनी,लक्ष्मी सहनी,शिक्षक पुष्पक कुमार, मोहन कुमार ,सच्चिदानंद ठाकुर, दीपक भारती, कन्हैया कुमार, राहुल कुमार, प्रेम कुमार, संजीव कुमार ,दिवाकर पासवान,उमेश सिंह, मेहबूब आलम,इरशाद,सूर्यकांत,इंदु देवी ,रमा देवी,शांति देवी समेत सैकड़ों शिक्षाविद,जनप्रतिनिधि और बड़ी तादाद में छात्र मौजूद थे। कार्यक्रम में महिला अभिभवकों की उपस्थिति बढ़िया रही। समारोह में उपस्थित जनसमूह ने विद्यालय को जनसहयोग से चलाने का आश्वासन भी दिया है

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