बेगूसराय में जमीन सर्वे का काम फिर से हुआ शुरू , समझ लीजिए पुराना सर्वे का क्या हुआ और अब क्या होगा ?

न्यूज डेस्क , बेगूसराय : एक बार फिर से बिहार के बेगूसराय जिले में भूमि सर्वेक्षण का काम यानी जमीन सर्वे का काम शुरू होगा । बता दें कि 2 साल पहले लगभग जमीन सर्वे का काम शुरू हुआ था। कुछ महीनों चलने के बाद बिहार सरकार ने इस पर रोक लगा दी थी । बाद में सरकारी तंत्र के द्वारा यह हवाला दिया गया था कि भू सर्वे कार्य में लगने वाले तमाम पदों पर जो रिक्तियां है । इस रिक्ति को भरा जाएगा और नए बहाली के बाद से सर्वे कार्य शुरू होंगे कुछ महीनों पहले वैकेंसी बहाली होने के बाद नए कानूनगों , अमीन आदि अधिकारियों की बहाली होने के बाद फिर से सर्वे कार्य शुरू होंगे ।

भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विशेष सर्वेक्षण कार्यक्रम के तहत रैयतों के साथ सर्वेक्षण को विभागीय टीम के ए एस ओ मो दानिश ने बताया कि भू रैयतों में विशेष सर्वेक्षण को लेकर प्रपत्र दो और तीन ( एक ) का वितरण किया गया। उक्त फॉर्म में पपत्र दो में भू स्वामित्व सम्बन्धित समस्त दस्तावेजों व पपत्र तीन ( एक ) में वंशावली को भरकर इसके साथ शिविर कार्यालय में एक महीने के भीतर जमा करेंगे। जिसके बाद पपत्र सात एवं एलपीएम सभी रैयतों को दिया जाएगा जिसकी जांच करने के उपरांत रैयत को कुछ गलत लगता है तो वे पपत्र आठ में अपनी आपत्ति दे सकते हैं। उक्त आपत्ति पर सुनवाई के समय उपस्थित होकर दस्तावेज के साथ अपना पक्ष रखेंगे । आगे की प्रक्रिया में मानचित्र देखने के बाद पपत्र चौदह में अपनी शिकायत कर सकते हैं। पपत्र अठारह (क) में तैयार लगान दर से असंतुष्ट रैयत शिविर में आपत्ति देंगे । तब जाकर भू नक्शा को अंतिम रूप दिया जायेगा । उक्त नक्शा में किसी भी प्रकार से असन्तुष्ट होने पर पपत्र इक्कीस में दावा आपत्ति कर सकते हैं और खतियान की एक प्रति बंदोबस्त कार्यालय से दिया जाएगा ।

कुछ साल पहले हुए भू सर्वेक्षण के कार्य को जांच करते हुए किया जाएगा काम : कानूनगो विशाल कुमार पंडित ने बताया कि पूर्व में पंचायत में सर्वेक्षण सम्बन्धी जो भी कार्य किये गए हैं। उसमें किसी भी प्रकार के बदलाव नहीं होंगे बल्कि जांच पड़ताल करते हुए आगे का कार्य जारी रहेगा । ग्रामीणों ने बताया कि आम सभा में पंचायत में होने बाले भू सर्वेक्षण कार्य के बारे में विभागीय लोगों ने कहा कि विशेष सर्वेक्षण के कार्य मे पारदर्शिता बरती जाएगी।