माँ से मिलकर फफक पड़ा भटक कर बछवाड़ा में रह रहा था ललित, छह महीने के बाद ही पत्नी कर ली थी दूसरी शादी

Lalit

न्यूज डेस्क : बेगूसराय के बछवाड़ा प्रखण्ड में दो साल से अपने परिजनों से भटक कर पहुंचे हुए मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को स्वजनों से मिला दिया गया। बछवाड़ा के सांसद प्रतिनिधि प्रभाकर कुमार राय ने भटके हुए मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति को उसके परिजन की तलाश कर परिजनों को सुपुर्द किया। सांसद प्रतिनिधि ने बताया कि दो साल पूर्व बछवाड़ा प्रखंड के गोविंदपुर तीन पंचायत के मुरलीट़ोल गांव स्थित टोल टैक्स पर मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति भटकता हुआ पहुंच गया। यही इधर उधर भटकता था और मुरली टोल स्कूल पर सोता था।

मानसिक रूप से अस्वस्थ देख अपने घर ले गया। उक्त व्यक्ति ने अपना नाम ललित बताया। ललित फिलहाल एक साल से रुपस्वाज गांव में रहता था। बीच मे कभी भाग जाता और फिर कुछ दिन में वापस पहुंच चला आता था। लोग उससे उसका पता जानने की कोशिश करते रहे लेकिन मानसिक रूप से बीमार होने के कारण सही पता नहीं बता पाता था। तीन दिन पहले जब उसे कोई विषैला कीड़ा ने काटा और पूरा चेहरा फूल गया तो उसे इलाज निजी डॉक्टर के पास इलाज कराया। इलाज के दौरान उसने अपना पता खगरिया जिले का अलौली के लधौरा गांव बताया।

नेट पर सर्च किया तो नेट पर अलौली में लधौरा गांव का नाम देखने के बाद उम्मीद जगी। अलौली के एक पत्रकार से बात कर ललित का फोटो भेजा और लधौरा इलाके के व्हाट्सशॉप ग्रुप में फोटो और गुमशुदा का खबर दिखाया गया। खबर देेख अगले ही दिन रविवार को लधौरा से वार्ड कमिश्नर ने संपर्क किया। वीडियो कॉलिंग कर बातचीत से दोनों एक दूसरे को पहचाने। सोमवार को ललित का भाई, मां बछवाड़ा प्रखंड के रूपसवाज गांव सांसद प्रतिनिधि के यहां पहुंचे और बिछुड़े बेटे को देख माहौल गमगीन हो गया ।

प्रतिनिधि ने ललित नारायण दास को अंगवस्त्र देकर परिजनों के साथ उसके घर भेजा।ललित का भाई सुजीत ने बताया कि हमलोग तीन भाई हैं ललित बड़ा है।इसका शादी भी हुआ था एक बेटी भी है। दो साल पहले दुर्गा मेला देखने गया था और घर नहीं लौटा। हमलोग बहुत खोज किये लेकिन निराश हो गए थे। छः माह बाद ही ललित की हताश पत्नी दूसरी शादी कर ली थी। पहले से ललित का इलाज मानसिक चिकित्सक से चल रहा था।

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