Friday, July 12, 2024
Begusarai News

बेगूसराय में भु-माफियाओं नें बेच दी ठाकुरवाड़ी की 650 बीघा जमीन, जानें- क्या है पूरा मामला..

बेगूसराय जिले के  बछवाड़ा  थाना क्षेत्र के गोविन्दपुर तीन पंचायत के भुथरी गांव स्थित राम जानकी ठाकुरवाड़ी के सार्वजनिक भूमि को एक व्यक्ति विशेष के द्वारा बेचे जाने का मामला प्रकाश में आया है। ठाकुरवाड़ी के जमीन बेचे जाने से स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। मामले को लेकर भुथरी गांव के दर्जनों लोगों ने अंचलाधिकारी को संयुक्त हस्ताक्षर युक्त आवेदन देकर शिकायत की है। मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि भुथरी ठाकुरवाड़ी की स्थापना विगत तीन सौ वर्ष पुर्व स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से बौध बाबा दास जी महराज के नेतृत्व में किया गया था। आरंभिक काल में महंत बौद्ध दास ने एक छोटे-से कमरे में मुर्ति स्थापित कर शुरुआत की थी। ठाकुरवाड़ी निर्माण के समय स्थानीय लोगों द्वारा अपनी अपनी भूमि राम जानकी ठाकुरवाड़ी के नाम से भू-दान किया गया था।

भुथरी ठाकुरवाड़ी के महंथ बौध बाबा दास जी महराज के बाद राम दास जी महराज को महंथ बनाया गया और उसके बाद राम प्रताप दास जी महराज को ग्रामीणों द्वारा महंथ न्युक्ति किया गया। उनके महंथ बनने के बाद सबकुछ ठिक ठाक चल रहा था। लेकिन असमाजिक तत्व के लोगों ने विगत सात दशक पुर्व उनकी हत्या कर दी। जिसके बाद सिया राम दास जी को महंथ बनाकर ठाकुरवाड़ी का कार्यभार सौंपा गया। उनकी मौत के बाद राम शरण दास जी महराज को मंहथ बनाया गया। लेकिन आसपास के दबंग लोगों द्वारा राम जानकी ठाकुरवाड़ी की जमीन कब्जा करने में लग गये। कुछ हीं दिनों में स्थिति यह हो गया कि सात सौ बिघा से पच्चास बिघा पर पहुंच गया।

लेकिन उसी दौरान उनकी मौत हो गयी। जिसके बाद सत्यनारायण दास जी महराज को महंथ बनाया गया। लेकिन कुछ दिन में ही उनकी मौत हो गयी। स्थानीय लोगों द्वारा महंथ की मौत के बाद श्राद्ध कर्म किया गया। मंहथ के मौत के बाद आज तक राम जानकी ठाकुरवाड़ी भुथरी में कोई महंथ नहीं बनाया गया। ठाकुरवाड़ी का देख रेख नहीं होने के कारण ठाकुरवाड़ी की स्थिति दैनीय होता चला गया।

दिनप्रति दिन ठाकुरवाड़ी में ठाकुर जी के लिए निर्मित मंदिर गिरता चला गया। आज स्थिति है कि भुथरी राम जानकी ठाकुरवाड़ी अपना अस्तित्व खोने के कगार पर है। ठाकुरवाड़ी में पूजा पाठ करने के लिए कोई भी आगे नहीं आ रहा है, और ना ही देख रेख करने को तैयार हैं। लेकिन रामजानकी के नाम से जो जमीन है उस जमीन पर सबकी पैनी नजर है कि किस तरह जमीन को अवैध रूप से बेचकर राशि जमा किया जा सकें। जमीनों के अवैध बिक्री व दखल कब्जा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अभी हाल हीं में स्थानीय ग्रामीण स्व० कैलु महतो के पुत्र रंजीत महतो ने ठाकुरवाड़ी के स्वामित्व की लगभग दस कट्ठा जमीन को अवैध तरीके से बेच कर उसपर क्रेता को दखल कब्जा करवा दिया है। और लाखों रुपए की अवैध राशि भी अर्जित किया गया है।

मामले की भनक जब ग्रामीणों को लगी, तो ग्रामीणों ने ग्रामीण स्तर पर एक राय होकर अवैध खरीद-बिक्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मामले को लेकर इसकी शिकायत अंचलाधिकारी बछवाड़ा और ठाकुरवाड़ी के पदेन अध्यक्ष तेघरा अनुमंडलाधिकारी से की है। ग्रामीण राहुल महतो, भिखारी महतो,बोढ़न यादव,विजय कुमार महतो, सुरेश महतो, प्रवीण महतो,राम बहादुर यादव,राम ईश्वर राय,गौतम कुमार,अमरेश कुमार, श्रीनिवास यादव,विजय यादव,राम किशुन यादव,छोटेलाल महतो,राम चन्द्र महतो,कारीलाल महतो,कारी यादव,राम करण महतो,नरेश महतो,दिनेश महतो समेत सैकड़ों लोगों ने अपने संयुक्त हस्ताक्षर युक्त आवेदन में कहा कि प्रशासनिक तौर पर अगर समय रहते ठाकुरवाड़ी की भुमी को अवैध कब्जा से मुक्त व अवैध खरीद-बिक्री पर अंकुश नहीं लगाया तो हमलोगों उग्र आंदोलन करने की तैयारी में जुटेंगे।