एग्जिट पोल की माने तो बेगूसराय में दिनकर यूनिवर्सिटी की स्थापना का मार्ग होगा प्रशस्त, जाने कैसे ?

पोलिटिकल डेस्क : बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के तीन चरण का मतदान 243 सीटों पर 7 नवंबर को समाप्त हो गए. अब कुछ घंटों के बाद 10 नवंबर को सभी सीटों पर मतगणना की जाएगी. तीन चरण के मतदान समाप्त होने के उपरांत न्यूज़ चैनलों और सर्वे एजेंसियों के एग्जिट पोल में इस बार बिहार में महागठबंधन की सरकार बनती हुई दिख रही है. हालांकि 10 नवंबर को यह स्पष्ट हो पाएगा कि अगले 5 साल बिहार का ताज कौन से गठबंधन के नेता पहनेंगे . जनता ने इस बार अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग मुद्दों पर वोट किया है ।

बेगूसराय में दूसरे चरण के मतदान 3 नवंबर को हुए उससे पहले तेजस्वी यादव ने महा गठबंधन के नेता के तौर पर एक मास्टर स्ट्रोक खेला था और उन्होंने घोषणा की थी कि हमारी सरकार बनते ही बेगूसराय के छात्रों और आवाम के उनके चिर परिचित मांग को दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी । फिलहाल सभी एग्जिट पोल के मुताबिक बिहार के अगले सीएम के रूप में लोग तेजस्वी यादव को देखने लगे हैं। ऐसे में एक सवाल निकल के सामने आ रहा है कि बेगूसराय में दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया तेजस्वी के ताजपोशी के कितने दिनों बाद शुरू होगी । बीते सालों की बात करें तो बिहार सरकार ने कई नए विश्वविद्यालय की स्थापना किया लगातार परन्तु 20 वर्षों से बेगूसराय दिनकर विश्वविद्यालय की उठ रही मांगों को जहां एक तरफ बिहार सरकार ने लगातार अनसुना किया वहीं स्थानीय विधायक सांसद मंत्री ने भी इस पर कोई दिलचस्पी लेना उचित नहीं समझा ।

बीते 2 महीने पहले सितंबर माह में राष्ट्रकवि दिनकर जी के जन्म तिथि पर बेगूसराय वांट्स दिनकर यूनिवर्सिटी ट्रेंड होते ही पूरे भारत भर में बेगूसराय में दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग उठने लगी थी। आगे चुनाव देख बहुत सारे दलों ने अपने एजेंडा में शामिल किया था और को भी अपना समर्थन दिया था तेजस्वी यादव ने बेगूसराय 7 सीटों पर होने वाले चुनाव से ठीक पहले मास्टर कार्ड खेलते हुए बेगूसराय में दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की थी । कि महागठबंधन सरकार बनते ही इसकी घोषणा की जाएगी आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि 10 नवंबर को बिहार के अगले मुख्यमंत्री कौन होते हैं और बेगूसराय दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया कब शुरू होती है ।

तेजस्वी यादव के बातों को इसलिए इंकार नहीं किया जा सकता है कि लालू यादव के शासनकाल में बिहार में कई विश्वविद्यालयों की स्थापना हुई थी नियमतः प्रमण्डल स्तर पर विश्वविद्यालय स्थापना करने की सरकार बार-बार दलील देकर बेगूसराय में विश्वविद्यालय की स्थापना नहीं कर सकी। लेकिन लालू प्रसाद के शासनकाल में कई ऐसे विश्वविद्यालय की स्थापना हुए थे जहाँ प्रमण्डल नहीं थे । ऐसे में इस बात को और भी बल मिल रहा है कि तेजस्वी यादव अगर सत्ता में आ रहे हैं तो बेगूसराय में दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना का भी मार्ग प्रशस्त हो सकता है।