छात्रों का भविष्य बनाने बाले गुरुजी कोरोनाकाल में वर्तमान से कर रहे हैं खिलवाड़

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न्यूज डेस्क : बेगूसराय में कोरोनावायरस सितम ढाए हुए है। हर रोज चीख-पुकार मच रहा है, मरने की खबर आ रही है संक्रमण का चेन टूटने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि जो लोग अब भी गाइडलाइन का उल्लंघन कर रहे हैं या फिर कोरोना संक्रमण से बेपरवाह ढंग से बिना मास्क व दो गज की दूरी की धज्जियां उड़ा रहे हैं उनको कौन समझाएगा वैसे लोग आजकल समाज में जहर फैलाने का काम कर रहे हैं, ऐसा बोला जाए तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगा।

बात जब बुद्धिजीवी वर्ग का किया जाए तो वहां भी कुछ ऐसे लोग हैं जो यह समझने का नाम नहीं ले रहे हैं कि जान बचेगा तो जहान रहेगा , जान बचेगा तो लोग शिक्षित होंगे । कोरोनाकाल पार्ट टू में सरकार के द्वारा सभी शिक्षण संस्थान बंद रखने का आदेश जारी हुए कई दिन बीतने के बाद भी कलयुगी गुरुजी बच्चों के जान से खिलवाड़ के लिए आतुर दिख रहे हैं। सुबह और शाम बेगूसराय के कई क्षेत्रों में सड़क पर हाथ में कॉपी या कंधे पर बैग लटकाये छात्र – छात्रा इस बात की गवाही देते देखे जा सकते हैं। जिले में कोरोना का प्रकोप बढते ही जा रहा है। ऐसे में कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए तय किये गए सरकारी गाइडलाइन का धत्ता बताने का काम करने बाले ऐसे शिक्षण संस्थानों के संचालकों को कोई भी समझाने बाला नहीं है।

सड़कों पर हालात यह है कि अधिसंख्य लोगों को अबतक मास्क लगाने की बात समझ में आती नहीं दिख रही है। यह स्थिति भविष्य में लोगों के लिए परेशानी का सबब साबित हो सकता है। जिले में हजारों शिक्षण संस्थान हैं, अधिकांश संस्थान नियमानुसार बंद हैं तो कुछ अब भी संचालित हो रहे हैं। छात्र छात्राएं आ जा रहे हैं। इनमें से कुछ के चेहरे पर मास्क रहते हैं, कई के चेहरे पर मास्क भी नहीं रहता । कोरोना संक्रमण के लिहाज से यह खतरनाक दिख रहा है।

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