एशिया फेम काबर झील में मेहमान विदेशी पक्षी का धड़ल्ले से शिकार जारी, तीन शिकारी वन विभाग के हत्थे चढ़ा गया जेल

न्यूज डेस्क , बेगूसराय : एशिया फेम व बिहार के इकलौते रामसर साइट काबर झील पक्षी विहार में प्रवासी विदेशी मेहमान पक्षियों के लगातार हो रही शिकारमाही के बीच प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। सोमवार को काबर परिक्षेत्र में प्रवासी पक्षियों का शिकार कर बेचने वाले तीन शिकारी वन विभाग के हत्थे चढ़ गए। पकड़ा गया शिकारी मंझौल पंचायत-चार स्थित संगत टोला निवासी रामबदन सहनी, मंझौल पंचायत-तीन निवासी मुकेश सहनी एवं पंचमुखी टोला निवासी शंकर सहनी है। इन लोगों के पास से पांच विदेशी पक्षी बरामद किया गया है।

वन विभाग के रेंजर उमाशंकर राय ने बताया सोमवार को वन विभाग के पुलिस कर्मी नीतीश कुमार के नेतृत्व में वनकर्मियों का दल काबर झील के धनफड़ चौर में गश्ती लगा रहे थे। इसी दौरान शिकारियोंं का दल थैला में पक्षी ले जाता दिख गया। गश्ती दल को देखकर शिकारी भागने लगे। लेकिन गश्ती दल में शामिल कर्मियों ने खदेड़ कर तीनों शिकारियों को धर दबोचा। तीनोंं को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।

दिसम्बर को हजारों पक्षीयों का हुआ शिकार और खरीद फरोख्त वन विभाग के कर्मियों द्वारा अवैध प्रवासी पक्षियों के शिकार पर लगाम लगाने के लिए लगातार छापेमारी अभियान चला रही है। कई बार शिकारियों के द्वारा बिछाए गए जाल एवं बांस बल्ला बरामद करने में वन विभाग के टीम को सफलता भी मिली है। लेकिन काबर परिक्षेत्र के भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाते हुए शिकारी भागने में सफल हो जाते हैं। बता दें कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण 30 एवं 31 दिसम्बर को काबर में एक हजार से अधिक विदेशी पक्षियों का शिकार किया गया। मीडिया में मामला उजागर होने के बाद भी रोज शिकार जारी है। लेकिन, उच्च अधिकारियों के दबाव पर पांच पक्षी को बरामद कर वन विभाग अपनी पीठ थपथपाा रही है।