परिवार नियोजन से आर्थिक और सामाजिक स्थिति में होगा सुधार, नियोजन के लिए बहुतों उपाय

Sadar Hospital Begusarai

बेगूसराय : परिवार नियोजन अभियान में अपनी भागीदारी बढ़ाते हुए पुरुष नसबंदी के लिए लोग आगे आएं। उक्त बातें शनिवार को सदर हॉस्पिटल बेगूसराय के सभागार में ‘परिवार नियोजन महत्व और आवश्यकता’ विषय पर सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च(सीफार) और केयर इंडिया के सहयोग से जिला स्वास्थ्यय समिति द्वारा आयोजित मीडिया कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए जिले के सिविल सर्जन डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कही।

उंन्होने बताया अभी हमारे समाज में परिवार नियोजन के तहत बंध्याकरण का ऑपरेशन कराने की जिम्मेदारी महिलाओं के ऊपर ही डाल दी जाती है। जबकि पुरुषों के लिए भी परिवार नियोजन के स्थाई साधन के रूप में पुरुष नसबंदी और अस्थाई साधन के रूप में कंडोम का इस्तेमाल मौजूद है। इसलिए परिवार नियोजन में अपनी भागीदारी बढ़ाते हुए पुरुष नसबंदी के लिए लोगों को आगे आने की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि पुरुष नसबंदी को लेकर लोगों में कुछ भ्रंतियाँ भी हैं कि इससे उनकी पौरुष क्षमता में कमी आ जायेगी। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। पुरुष नसबंदी कराने के बाद न तो पुरुष की पौरुष क्षमता में कमी आती है और न ही कोई अन्य परेशानी होती है। कुछ ही समय में पुरुष नसबंदी हो जाती है, जबकि महिला बन्ध्याकरण में इसकी तुलना में ज्यादा समय लगता है। कुछ जागरूक लोग हर्निया या हाइड्रोसिल के ऑपरेशन के साथ ही पुरुष नसबंदी करवाते है। मीडिया कर्मियों से अपील करते हुए सिविल सर्जन ने कहा परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से इसके विभिन्न साधनों को प्रचारित एवं प्रसारित करें।

परिवार नियोजन से आर्थिक समाजिक स्थिति में आता है सुधार कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए जिला स्वास्थ्यय समिति के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शैलेश चन्द्र ने कहा परिवार नियोजन सभी कार्यक्रमों की जननी है। जनसंख्या स्थिरीकरण के लक्ष्य प्राप्ति के बाद कई अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। बच्चों की संख्या यदि सीमित होगी तो नियमित टीकाकरण अभियान के तहत सरकार के ऊपर भार भी काफी कम हो जाएगा । उंन्होने बताया परिवार नियोजन के साधन अपनाने के बाद लोगों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में काफी परिवर्तन आता है। लोग अपने बच्चे को सही शिक्षा एवं स्वास्थ्यय के साथ ही जरूरत के सभी सुख- सुविधाएं उपलब्ध करवा सकते हैं।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए सीफार के अनीस उर रहमान ने बताया परिवार नियोजन जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम की सफ़लता में मीडिया की सक्रियता काफ़ी जरूरी है। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में मीडिया को परिवार नियोजन के मुद्दों पर अधिक से अधिक ध्यान देने की अपील भी की। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए डीटीएल केयर गुंजन गौरव ने मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने में परिवार नियोजन सबसे महत्वपूर्ण उपाय है । उंन्होने बताया कि “परिवार नियोजन सुरक्षित है ” के तहत केयर इंडिया के द्वारा कैम्पेन चलाया जा रहा है। इसके तहत “सही समय पर सही फैसला, परिवार नियोजन से बढ़ेगा हौसला ” के टैग लाइन के तहत जिले भर में अभियान चलाया जा रहा है। कार्यशाला में सीफार के डिविजनल कोऑर्डिनेटर श्याम त्रिपुरारी, केयर इंडिया कि फैमिली प्लानिंग कोऑर्डिनेटर सुमन अधिकारी, रजनी कुमारी और जिला सामुदायिक उत्प्रेरक कुणाल कुमार सहित कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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