डीएम राहुल कुमार ने पेश की जनसेवा का नया मिसाल, क्वारंटीन सेंटर में 70 दर्जी को दिया मास्क बनाने का रोजगार

डेस्क : वर्तमान समय में जहां राज्य के अधिकांशतः क्वारंटीन सेंटर से शिकायतें आ रही है तो वहीं बिहार के पूर्णिया जिला का एक कोरेन्टीन सेंटर चर्चा का विषय बना हुआ है, आपको बता दें कि पूर्णिया जिला स्थित श्रीनगर प्रखंड के एक क्वारंटीन सेंटर की काफी तारीफ हो रही है। दरअसल पूर्णिया के डीएम राहुल कुमार की पहल से क्वारंटीन में रह रहे करीब 70 दर्जी को मास्क बनाने का रोजगार दिया है।

बता दें कि जिला मुख्यालय से लगभग 21 किलोमीटर दूर स्थित श्रीनगर प्रखंड के क्वारंटीन सेंटर में करीब 2000 लोग रह सकते हैं। इस परिसर में सौर ऊर्जा का प्लांट भी है। हाल ही में इस सेंटर से क्वारंटीन की अवधि को पूरा करने के बाद निकले एक व्यक्ति का वीडियो वायरल हुआ था। जिसने क्वारंटीन सेंटर में मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं का अनुभव उस वीडियो में साझा किया था ।

पूर्णिया के जिलाधिकारी राहुल कुमार ने श्रीनगर प्रखंड स्थित क्वारंटीन सेंटर के बारे में कहा कि “कैंप में रहने वाले व्यक्तियों के लिए सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।लोगों को किट दिए जा रहे हैं। कैंपों में रहने वाले महिलाओं और पुरूषों के लिए अलग-अलग शौचालय, स्नानागार एवं कमरा मुहैया कराया गया है। जिलाधिकारी ने दावा करते हुए कहा है कि कैंप में तीनों टाइम का खाना एमडीएम के रसोईया से बनाया जाता है। साथ ही कैंपों की निगरानी सीसीटीवी से की जाती है। लोगों के मनोरंजन के लिए टीवी की व्यवस्था भी की गई है और उन्हें योगाभ्यास भी कराया जाता है”।

बता दें कि पूर्णिया मे कुल 376 क्वारंटीन सेंटर हैं ,जिसमें 26 हजार से ज्यादा लोग फिलहाल रह रहे हैं। आपको बताते चलें कि पूर्णिया के वर्तमान डीएम पूर्णिया से पहले बेगुसराय में पदस्थापित थे, और उस समय बेगुसराय में भी इनके काम करने के तरीके की काफी तारीफ होती थी, एकबार तो ये अपने क्रियाकलाप से अचंभित ही कर दिए थे, शाम के समय सायकिल से शहर की चक्कर लगा दिया और ये बात जिलेवासीयों को तब पता चला जब इन्होंने अपना तस्वीर ट्विटर पर शेयर किए थे। इनके निर्देशन में श्रीनगर के प्रखंड विकास पदाधिकारी ओम प्रकाश और अंचलाधिकारी नंदन कुमार ने बताया कि अब तक क्वारमटीन सेंटर से 46 लोगों को घर भेजा जा चुका है। जिलाधिकारी ने क्वारंटीन में रह रहे 70 दर्जी को चिन्हित कर उन्हें मास्क बनाने का रोजगार दिया है। उन्होनें बताया कि प्रवासी कामगारों को रोजगार मुहैया करवाने के लिए प्रखंडवार स्किल मैंपिंग का काम किया जा रहा है।